घुसपैठ, CCTV से जासूसी और चिट्टा सप्लाई…पंजाब में सामने आए 3 बड़े मामले, बॉर्डर से 2 पाकिस्तानी गिरफ्तार

अमृतसर। पंजाब और भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से जुड़े इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई संदिग्ध गतिविधियों का खुलासा किया है। अमृतसर में BSF ने दो पाकिस्तानी नागरिकों को भारत में अवैध तरीके से घुसने पर गिरफ्तार किया, वहीं पठानकोट में एक शख्स को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पकड़ा गया है। इतना ही नहीं हिमाचल की शिमला पुलिस ने भी पाकिस्तान बॉर्डर से जुड़े इलाके जलालाबाद से चिट्टा सप्लाई करने वाले बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इन तीनों घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।
अमृतसर बॉर्डर पर पकड़े गए 2 पाकिस्तानी नागरिक
अमृतसर सेक्टर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) जवानों ने दो पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया है। दोनों कथित तौर पर अपनी निजी गाड़ी में सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में पहुंच गए थे। BSF ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया और उनकी गाड़ी भी जब्त कर ली।
गिरफ्तार पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान
|
नाम |
पता |
|
मोहम्मद सलीम (60) |
नास्टर कॉलोनी, फिरोजपुर रोड, लाहौर |
|
अमीर नवाज (40) |
जसहीन टाउन, गज्जी रोड, लाहौर |
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने बताया कि, वे पाकिस्तान के कसूर इलाके में दुकानों पर सामान सप्लाई करने का काम करते हैं।
अमृतसर में 2 पाकिस्तानी नागरिक गिरफ्तार।
BSF हर एंगल से कर रही जांच
सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों गलती से भारतीय सीमा में आए या इसके पीछे कोई और मकसद था। BSF अधिकारियों ने पाकिस्तानी रेंजर्स को भी इस घटना की जानकारी दे दी है। फिलहाल अमृतसर सेक्टर में दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है।
CCTV से पाकिस्तान भेजी जा रही थी लाइव फुटेज
पठानकोट पुलिस ने एक बड़े जासूसी नेटवर्क का खुलासा करते हुए सुजानपुर इलाके से एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह नेशनल हाईवे-44 पर CCTV कैमरे लगाकर सेना और पैरामिलिट्री फोर्स की गतिविधियों की लाइव फीड पाकिस्तान भेज रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पुल नंबर 4 और पुल नंबर 5 के बीच हाईवे पर कैमरे लगाकर हर गतिविधि रिकॉर्ड करता था।
पाकिस्तान हैंडलर्स को भेज रहा था लाइव फीड।
आरोपी को विदेश से मिल रहे थे निर्देश
पूछताछ में सामने आया कि, आरोपी को दुबई में बैठे एक व्यक्ति से निर्देश मिल रहे थे। इसके बदले उसे करीब 40 हजार रुपए दिए गए थे। पुलिस ने आरोपी के पास से इंटरनेट वाला CCTV कैमरा भी बरामद किया है।
आरोपी की पहचान
|
नाम |
पता |
|
बलजीत सिंह उर्फ जीतू |
चक्क धारीवाल गांव, पठानकोट |
SSP ने क्या कहा?
पठानकोट के SSP दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि, गिरफ्तार आरोपी देश विरोधी ताकतों के लिए जासूसी गतिविधियों में शामिल था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि, उसने पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे और संवेदनशील इलाकों में CCTV कैमरे लगाए थे। इन कैमरों के जरिए लाइव फुटेज पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजी जा रही थी।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ड्रग्स की लत के कारण इस नेटवर्क से जुड़ा था और पैसे के लालच में देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो गया। SSP ने यह भी बताया कि मामले में आरोपी के तीन और साथी शामिल हैं। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क, विदेशी कनेक्शन और इसके पीछे काम कर रहे अन्य लोगों की गहराई से जांच कर रही है।
पहले भी पकड़े जा चुके हैं ISI समर्थित मॉड्यूल
पुलिस के अनुसार पिछले महीने भी पाकिस्तान की ISI समर्थित दो जासूसी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया था। इन मॉड्यूल में चीन में बने सोलर पावर CCTV कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिनसे संवेदनशील सैन्य इलाकों की लाइव फीड पाकिस्तान भेजी जाती थी।
शिमला पुलिस ने पकड़ा चिट्टे का बड़ा सप्लायर
उधर हिमाचल प्रदेश की शिमला पुलिस ने ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब के जलालाबाद से एक बड़े चिट्टा सप्लायर को गिरफ्तार किया है। यह इलाका भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से जुड़ा हुआ है और यहां से हिमाचल समेत कई राज्यों में नशे की सप्लाई की जा रही थी।
10 ग्राम चिट्टे से खुला बड़ा नेटवर्क
9 मई को शिमला पुलिस ने सदर थाना क्षेत्र में दो युवकों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से करीब 10.300 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ था।
पहले गिरफ्तार आरोपी
|
नाम |
जिला |
|
निशान सिंह |
फिरोजपुर, पंजाब |
|
गुरप्रीत सिंह |
कपूरथला, पंजाब |
इनसे पूछताछ और डिजिटल जांच के बाद पुलिस सप्लायर तक पहुंची।
जलालाबाद से मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
जांच के दौरान शिमला पुलिस को पता चला कि चिट्टे की सप्लाई पंजाब के जलालाबाद इलाके से की जा रही थी, जो भारत-पाकिस्तान बॉर्डर के नजदीक स्थित है। डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जांच के बाद पुलिस मुख्य सप्लायर तक पहुंची। इसके बाद शिमला पुलिस ने स्थानीय पंजाब पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाकर 22 वर्षीय आकाशदीप उर्फ आकाश को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी जिला फिरोजपुर, पंजाब का रहने वाला है। पुलिस का मानना है कि वह लंबे समय से नशे की सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। फिलहाल पुलिस उसके पूरे नेटवर्क, फंडिंग स्रोत, सप्लाई चैन और अन्य सहयोगियों की गहराई से जांच कर रही है।
2026 में अब तक 39 आरोपी गिरफ्तार
शिमला पुलिस के मुताबिक, 2026 में नशा तस्करी के मामलों में बैकवर्ड लिंक जांच के जरिए अब तक 39 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में करीब 9 गुना ज्यादा बताया जा रहा है। पुलिस ने इस साल अब तक 30 अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क को भी ध्वस्त किया है, जो अलग-अलग राज्यों में सक्रिय थे।
ASP अभिषेक ने कहा कि, पुलिस अब सिर्फ छोटे स्तर के तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर मुख्य सप्लायरों और बड़े तस्करों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और आने वाले समय में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बॉर्डर इलाकों में बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
लगातार सामने आ रहे जासूसी और ड्रग्स तस्करी के मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क संवेदनशील इलाकों की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ड्रग्स के जरिए युवाओं को जाल में फंसाया जा रहा है। फिलहाल BSF, पंजाब पुलिस, CBI और अन्य एजेंसियां इन मामलों की गहराई से जांच कर रही हैं।











