Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Madmaheshwar Yatra:ब्रह्ममुहूर्त में खुले मदमहेश्वर धाम के द्वार, ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंजी केदारघाटी

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित द्वितीय केदार मदमहेश्वर धाम के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए श्रद्धा और भक्ति के बीच खोल दिए गए। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में ब्रह्ममुहूर्त में विधि विधान से पूजा हुई और मंदिर के कपाट खुलते ही पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों में इस पवित्र क्षण को लेकर गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिला।
ब्रह्ममुहूर्त में खुले मदमहेश्वर धाम के द्वार, ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंजी केदारघाटी
फाइल फोटो

रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड की पवित्र केदारघाटी में स्थित प्रसिद्ध मदमहेश्वर धाम के कपाट इस वर्ष भी गर्मियों के लिए खोल दिए गए। सुबह के ब्रह्ममुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजा के साथ मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस पावन अवसर पर देश के अलग अलग हिस्सों से आए भक्त बड़ी संख्या में मौजूद रहे। जैसे ही कपाट खुले, पूरा वातावरण शंख, घंटियों और जयकारों से भर गया। भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन कर परिवार की खुशहाली और विश्व शांति की प्रार्थना की।

मखमली बुग्यालों के बीच बसा दिव्य धाम

मदमहेश्वर धाम समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर स्थित है, जहां चारों ओर हरियाली, पहाड़ और शांत वातावरण इसे बेहद खास बनाते हैं। कपाट खुलने के बाद यहां का दृश्य और भी मनमोहक हो गया है। दूर दूर से आने वाले श्रद्धालु इस प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक वातावरण को एक साथ अनुभव कर रहे हैं। यह स्थान केवल पूजा का केंद्र नहीं बल्कि प्रकृति के बीच शांति पाने का एक दिव्य स्थल माना जाता है।

Twitter Post

ब्रह्ममुहूर्त में खुले मंदिर के द्वार

इस वर्ष कपाट खोलने की प्रक्रिया सुबह के समय ब्रह्ममुहूर्त में शुरू की गई। मंदिर परिसर में पहले विशेष पूजा अर्चना की गई, जिसके बाद वैदिक मंत्रों के बीच विधि विधान से कपाट खोले गए। जैसे ही मंदिर के द्वार खुले, श्रद्धालुओं में खुशी की लहर दौड़ गई। भक्तों ने लंबे इंतजार के बाद भगवान शिव के दर्शन किए और भावपूर्ण तरीके से पूजा अर्चना की।

ये भी पढ़ें: पहाड़ गिरा, रास्ता बंद...! केदारनाथ रूट पर हुआ लैंडस्लाइड, 10 हजार श्रद्धालु फंसे, SDRF-NDRF ने किया रेस्क्यू

भक्तों में उत्साह और आस्था

कपाट खुलने के इस पावन अवसर पर हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे। भक्तों ने भगवान मदमहेश्वर के स्वयंभू शिवलिंग पर जलाभिषेक किया और अपने जीवन में सुख समृद्धि की कामना की। कई श्रद्धालु इस यात्रा को जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अनुभव मानते हैं। कठिन पहाड़ी रास्तों को पार कर यहां पहुंचने वाले भक्तों के चेहरों पर संतोष और आस्था साफ दिखाई देती है।

पौराणिक मान्यताओं से जुड़ा स्थल

मदमहेश्वर धाम का संबंध पौराणिक कथाओं से गहराई से जुड़ा हुआ माना जाता है। कहा जाता है कि महाभारत के बाद पांडव भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए हिमालय क्षेत्र में आए थे। इसी दौरान भगवान शिव विभिन्न रूपों में प्रकट हुए और पंच केदारों की स्थापना हुई। मदमहेश्वर धाम को उनमें से द्वितीय केदार के रूप में विशेष स्थान प्राप्त है, जहां शिव के नाभि स्वरूप की पूजा की जाती है।

ये भी पढ़ें: Nainital Road Accident: 100 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत

यात्रा मार्ग पर लौटी रौनक

कपाट खुलने के बाद पूरे यात्रा मार्ग पर फिर से चहल-पहल बढ़ गई है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भी खुशी का माहौल है क्योंकि श्रद्धालुओं के आने से क्षेत्र में रोजगार और गतिविधियां बढ़ जाती हैं। प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए सुरक्षा, स्वास्थ्य और सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि यात्रा सुचारु रूप से चल सके।

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...Read More

Latest Posts