CG NEWS: ED का छत्तीसगढ़ में बड़ा एक्शन: भारतमाला और DMF घोटाले में 9 ठिकानों पर एकसाथ छापे, कारोबारियों के रिकॉर्ड खंगाले

भारतमाला घोटाले पर ED का शिकंजा, दस्तावेजों की गहन जांच
सूत्रों के अनुसार, ईडी की टीमों ने रायपुर, दुर्ग, धमतरी, कोरबा और अंबिकापुर में तड़के एक साथ कार्रवाई शुरू की। जांच एजेंसी उन दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है, जिनका संबंध भारतमाला सड़क परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण से जुड़ा बताया जा रहा है। जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेन-देन की आशंका जताई गई है।
धमतरी के कारोबारी दीपेश गांधी के ठिकानों पर छापा
धमतरी में कारोबारी दीपेश गांधी के आवास और व्यावसायिक परिसरों पर ईडी की टीम ने कार्रवाई की। यहां से जमीन संबंधी दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन सहित कई डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि मुआवजा वितरण प्रक्रिया में किस स्तर पर अनियमितताएं हुईं और इससे किन लोगों को लाभ पहुंचा।
DMF फंड घोटाले में दुर्ग और कोरबा बने जांच का केंद्र
दुर्ग और कोरबा में ईडी की कार्रवाई जिला खनिज न्यास (DMF) फंड के उपयोग को लेकर केंद्रित रही। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास और जनकल्याण के लिए आवंटित राशि का उपयोग नियमानुसार हुआ या नहीं। कई वित्तीय लेन-देन और परियोजनाओं की फाइलों को खंगाला जा रहा है।
रायपुर और अंबिकापुर में भी बढ़ी जांच की आंच
राजधानी रायपुर और अंबिकापुर में भी ईडी ने कई प्रमुख कारोबारियों के परिसरों पर दबिश दी। इनमें प्रकाश सालुंगे, किशोर एग्रो के शाश्वत लुणावत और मानसून एग्रो के राजेश गुप्ता के नाम सामने आए हैं। अधिकारियों ने बैंकिंग दस्तावेज, टैक्स रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा को जांच के दायरे में लिया है।
आगे और खुलासों के संकेत
ईडी की इस कार्रवाई को छत्तीसगढ़ में हाल के वर्षों की बड़ी जांचों में शामिल माना जा रहा है। एजेंसी को उम्मीद है कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों से वित्तीय गड़बड़ियों के नेटवर्क और कथित लाभार्थियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। जांच के आधार पर आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।












