CG NEWS: धमतरी में ED का बड़ा एक्शन: ठेकेदार दीपेश गांधी के घर छापा, वित्तीय दस्तावेज खंगाल रही जांच एजेंसी

RAIPUR/DHAMTARI NEWS छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने जिले के चर्चित ठेकेदार और रियल एस्टेट कारोबारी दीपेश गांधी के आमापारा स्थित निवास पर छापेमार कार्रवाई शुरू कर दी। सुरक्षा बलों के जवानों की मौजूदगी में अधिकारियों ने घर के भीतर दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू की, जिससे कारोबारी और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
सुबह-सुबह ईडी की दबिश से मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, ईडी के अधिकारी तीन वाहनों के काफिले के साथ दीपेश गांधी के निवास पहुंचे। कार्रवाई शुरू होते ही घर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। अधिकारियों ने बाहरी लोगों की आवाजाही सीमित रखते हुए जांच प्रक्रिया को गोपनीय तरीके से आगे बढ़ाया।
दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की खंगाली जा रही जानकारी
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम घर में मौजूद महत्वपूर्ण दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और अन्य कारोबारी फाइलों की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान अधिकारियों द्वारा घर के सदस्यों और संबंधित लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। छापेमारी कई घंटों तक जारी रही।
भारतमाला प्रोजेक्ट से जुड़े मामलों पर टिकी निगाहें
हालांकि ईडी की ओर से कार्रवाई के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को भारतमाला प्रोजेक्ट में कथित अनियमितताओं की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। जांच एजेंसी किन बिंदुओं पर काम कर रही है, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है।
कारोबारी नेटवर्क पर पहले भी पहुंच चुकी है जांच एजेंसी
सूत्र बताते हैं कि कुछ सप्ताह पहले दीपेश गांधी के एक व्यावसायिक साझीदार के यहां भी जांच एजेंसी की टीम पहुंची थी। ऐसे में ताजा कार्रवाई को उसी जांच की अगली कड़ी माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि एजेंसियां कथित वित्तीय लेन-देन और कारोबारी संबंधों की व्यापक जांच कर रही हैं।
पूरे जिले की निगाहें जांच पर
धमतरी में हुई इस कार्रवाई ने राजनीतिक और कारोबारी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की नजर ईडी की जांच और उसके संभावित निष्कर्षों पर टिकी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कार्रवाई का वास्तविक आधार क्या है और एजेंसी को जांच के दौरान कौन-कौन से महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं।












