भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मिलावटी दुग्ध उत्पादों के निर्यात से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के भोपाल आंचलिक कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत मेसर्स जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक किशन मोदी से संबंधित 20.59 करोड़ रुपए मूल्य की 11 अचल संपत्तियों को 17 मार्च 2026 को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। एजेंसी का आरोप है कि कंपनी ने कथित तौर पर मिलावटी डेयरी उत्पादों का निर्यात कर अवैध रूप से बड़ी रकम अर्जित की।
ईडी ने इस मामले में जांच की शुरुआत भोपाल के हबीबगंज पुलिस थाने में 29 अगस्त 2023 को दर्ज एफआईआर और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा 22 जुलाई 2024 को दर्ज एक अन्य प्रकरण के आधार पर की। जांच में सामने आया कि मिल्क मैजिक ब्रांड नाम से उत्पाद बेचने वाली जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड पर दूध की वसा की जगह ताड़ के तेल और अन्य हानिकारक रसायनों का उपयोग कर मिलावटी दुग्ध उत्पाद तैयार करने का आरोप है। ये उत्पाद घरेलू बाजार के साथ-साथ विदेशों में भी निर्यात किए जाते थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार निर्यात को मंजूरी दिलाने के लिए प्रतिष्ठित प्रयोगशालाओं की फर्जी टेस्ट रिपोर्ट तैयार कर इंदौर स्थित निर्यात निरीक्षण एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत की गई। जब संबंधित प्रयोगशालाओं से इन रिपोर्टों का सत्यापन किया गया, तो कई दस्तावेज फर्जी पाए गए। ईडी का कहना है कि इन्हीं जाली रिपोर्टों के आधार पर मिलावटी डेयरी उत्पादों का निर्यात किया गया और एक्सिस बैंक व एचडीएफसी बैंक में मौजूद खातों में भुगतान प्राप्त हुआ। एजेंसी ने करीब 20.59 करोड़ रुपए की इस आय को अपराध से अर्जित रकम माना है।
ईडी ने मामले में कार्रवाई करते हुए किशन मोदी को 13 मार्च 2026 को पीएमएलए की धारा 19(1) के तहत गिरफ्तार किया था। उन्हें 18 मार्च 2026 तक ईडी की हिरासत में रखा गया, जिसके बाद न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।