ई-कॉमर्स प्लेटफार्म मीशो को सेबी से मिली आईपीओ लाने की मंजूरी, 7,000 करोड़ रुपए होगा आकार

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ई-कॉमर्स प्लेटफार्म मीशो को सेबी से मिली आईपीओ लाने की मंजूरी, 7,000 करोड़ रुपए होगा आकार

मुंबई। भारतीय ई-कॉमर्स प्लेटफार्म मीशो को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से अपने आईपीओ के लिए मंजूरी मिल गई है। इसका अर्थ है कि कंपनी अब अपने शेयर आम निवेशकों को बेचकर पूंजी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। मीशो ने हाल ही में अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (यूडीआरएचपी) दाखिल किया था और नियामकीय मंजूरी मिलने के बाद यह उन नई-उम्र की कंपनियों की कतार में शामिल हो गई है जो शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं। मीशो अपने इस आईपीओ के माध्यम से लगभग 480 मिलियन डॉलर (लगभग 4,250 करोड़ रुपए) की नई इक्विटी जारी करेगी, जबकि इसके साथ 250 से 300 मिलियन डॉलर (लगभग 2,200 से 2,600 करोड़ रुपए) के ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए पुराने निवेशक और प्रमोटर अपने हिस्से के कुछ शेयर बेचेंगे।

ऑनलाइन बाजार में स्थिति मजबूत करने की योजना

इस तरह, कुल आईपीओ आकार 700 से 800 मिलियन डॉलर (6,500 से 7,000 करोड़ रुपए) तक का होगा। जुटाई गई पूंजी का उपयोग कंपनी अपने तकनीकी निवेश, ब्रांड निर्माण और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों को पूरा करने में करेगी। जहां तक कंपनी के मूल्यांकन की बात है, मीशो का अनुमानित मूल्यांकन 7 से 8 बिलियन डॉलर के बीच रहने की संभावना है। आम तौर पर कंपनियाँ अपने आईपीओ के दौरान लगभग 10% हिस्सेदारी बाजार में बेचती हैं। पहले कंपनी लगभग 10 बिलियन डॉलर के मूल्यांकन का लक्ष्य रख रही थी, लेकिन अब उसने इसे थोड़ा घटाया है ताकि नए खुदरा निवेशकों को भी निवेश का अवसर मिल सके। मीशो के ऑफर फॉर सेल हिस्से में उसके शुरुआती निवेशक जैसे पीक एक्सवी पार्टनर्स, एलिवेशन कैपिटल, वेंचर हाइवे (अब जनरल कैटेलिस्ट का हिस्सा), और वाई कॉम्बिनेटर अपने शेयर बेचेंगे।

FY26 की पहली तिमाही में 289 करोड़ हुआ घाटा

इसके साथ ही, कंपनी के संस्थापक और प्रमोटर विदित आत्रे और संजीव बर्नवाल भी अपने कुछ शेयरों की बिक्री करेंगे। हालांकि, कंपनी अभी तक लाभदायक नहीं हुई है। वित्त वर्ष 2023–24 में मीशो की आय 7,615 करोड़ रुपए रही थी, जबकि उसे 305 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। वित्त वर्ष 2024–25 में यह घाटा बढ़कर 3,941 करोड़ रुपए हो गया। इसका एक बड़ा कारण कंपनी का अपना रजिस्ट्रेशन अमेरिका के डेलावेयर से भारत में स्थानांतरित करना था, जिससे असाधारण खर्च बढ़े। यदि इस विशेष खर्च को छोड़ दिया जाए, तो वित्तवर्ष 25 में मीशो का कर-पूर्व घाटा 108 करोड़ रुपए के आसपास रहा। वित्तवर्ष 26 की पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध घाटा 289 करोड़ रुपए दर्ज किया गया। मीशो का कहना है कि फिलहाल उसका ध्यान लाभ कमाने से अधिक अपने व्यवसाय के विस्तार पर केंद्रित है।

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपुल्स समाचार में मुख्य उप संपादक के रूप में कार्यरत। दैनिक जाग...Read More

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