नकल की तैयारी या बड़ी साजिश?री-NEET देने पहुंचे छात्र के पास मिला सिम कार्ड और पुराना प्रश्नपत्र

री-NEET-यूपी 2026 को पूरी तरह सुरक्षित और परदर्शी बनाने के लिए देशभर में कड़े इंतजाम किए गए थे। लाखों अभ्यर्थियों की इस परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर थी। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने परीक्षा व्यवस्था को लेकर फिर चर्चा छेड़ दी है। यहां एक अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से पहले ही पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उसके पास से सिम कार्ड और पिछले साल का नीट प्रश्नपत्र बरामद हुआ, जिसे उसने अंडरगारमेंट्स में छिपाकर रखा था।
एंट्री गेट पर सुरक्षा जांच में खुला राज
घटना वाराणसी के मैदागिन क्षेत्र स्थित हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र की है। रविवार को री-NEET परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की एंट्री चल रही थी। इसी दौरान सुरक्षा कर्मियों की नजर एक युवक की गतिविधियों पर पड़ी। उसकी हरकतें संदिग्ध लगने पर पुलिस और सुरक्षा स्टाफ ने उसकी गहन जांच की। तलाशी के दौरान जो सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया। युवक के अंडरगारमेंट्स से एक सिम कार्ड और पिछले वर्ष का नीट प्रश्नपत्र बरामद किया गया। सुरक्षा अधिकारियों को आशंका है कि सिम कार्ड का इस्तेमाल किसी इलेक्ट्रॉनिक या संचार उपकरण के साथ किया जा सकता था। हालांकि, इसका वास्तविक उद्देश्य क्या था, यह जांच का विषय बना हुआ है।
पकड़े जाने के बाद मचा हड़कंप
अभ्यर्थी के पास संदिग्ध सामग्री मिलने की सूचना मिलते ही परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक को हिरासत में ले लिया। उसके पास से मिले दस्तावेज और अन्य सामग्री जब्त कर ली गई।इसके बाद उसे पूछताछ के लिए कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि वह परीक्षा केंद्र तक यह सामग्री कैसे लेकर पहुंचा और क्या उसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क का हाथ है।
पूछताछ में सामने आई पहचान
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में युवक की पहचान बलिया निवासी प्रिंस दुबे के रूप में हुई है। उसने पुलिस को बताया कि वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए मध्य प्रदेश के जबलपुर में रह रहा था और री-NEET परीक्षा देने के लिए विशेष रूप से वाराणसी आया था। हालांकि, पुलिस उसके बयान की पुष्टि कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि युवक के मोबाइल रिकॉर्ड, संपर्कों और अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
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नकल गिरोह से जुड़े होने की आशंका
जांच एजेंसियां अब इस संभावना को भी खंगाल रही हैं कि कहीं युवक का संबंध किसी नकल माफिया या परीक्षा में गड़बड़ी कराने वाले गिरोह से तो नहीं है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या वह अकेले इस योजना में शामिल था या उसके कुछ साथी परीक्षा केंद्र के भीतर पहुंचने में सफल हो गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यदि किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।












