CG में नशे का नया खेल!पहली बार पकड़ा गया हाई-टेक गांजा, दुर्ग में हाइड्रोपोनिक वीड के साथ 2 आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग जिले के भिलाई में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर 2 किलो गांजा और 2.3 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया है। छत्तीसगढ़ में पहली बार इस हाई-टेक गांजे की जब्ती हुई है। पुलिस आरोपियों के नेटवर्क और मादक पदार्थ के स्रोत की जांच कर रही है।
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पहली बार पकड़ा गया हाई-टेक गांजा, दुर्ग में हाइड्रोपोनिक वीड के साथ 2 आरोपी गिरफ्तार
, दुर्ग में हाइड्रोपोनिक वीड के साथ 2 आरोपी गिरफ्तार।
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से सामान्य गांजा के साथ हाई-टेक तरीके से उगाया गया हाइड्रोपोनिक गांजा भी बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार यह छत्तीसगढ़ में पहली बार है जब हाइड्रोपोनिक गांजा जब्त किया गया है। इस तरह का गांजा आमतौर पर बड़े शहरों या हाई-प्रोफाइल पार्टियों में इस्तेमाल होता है। पकड़े गए आरोपी न केवल गांजा बेच रहे थे, बल्कि ग्राहकों को नशा करने के लिए चिलम और रोलिंग पेपर भी उपलब्ध करा रहे थे। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

    मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई

    दुर्ग पुलिस को शनिवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भिलाई नगर थाना क्षेत्र के रुआबांधा इलाके में बोरसी रोड स्थित बीज विकास निगम के पास कुछ युवक अवैध मादक पदार्थ बेच रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके में घेराबंदी की और दो संदिग्ध युवकों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान पुलिस को उनके पास से सामान्य गांजा के अलावा छोटे पैकेट में रखा हाइड्रोपोनिक गांजा भी मिला, जिसे देखकर पुलिस भी हैरान रह गई।

    भिलाई के रहने वाले हैं दोनों आरोपी

    पुलिस जांच में पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है-

    1. विक्रम साहू (29) - निवासी तालपुरी, भिलाई
    2. यश विश्वकर्मा (27) - निवासी हुडको, भिलाई

    दोनों आरोपी स्थानीय निवासी हैं और पुलिस के अनुसार ज्यादा पैसे कमाने के लालच में इस अवैध कारोबार में शामिल हुए थे।

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    2.3 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद

    पुलिस ने आरोपियों की तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नशीला सामान बरामद किया है।

    बरामद सामग्री में शामिल है-

    • 2 किलो सामान्य गांजा
    • 2.3 ग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा
    • 40 हजार रुपए नकद
    • एक महंगा मोबाइल फोन
    • चिलम और लाइटर
    • सिगरेट और रोलिंग पेपर (गोगो पेपर)

    पुलिस के अनुसार जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 1 लाख 75 हजार रुपए आंकी गई है।

    NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज

    इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। थाना भिलाई नगर में दर्ज अपराध क्रमांक 155/2026 में पुलिस ने आरोपियों पर धारा 20(ख), 27(ए) और 29 के तहत कार्रवाई की है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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    हाइड्रोपोनिक गांजा मिलने से पुलिस भी चौंकी

    दुर्ग पुलिस के अनुसार छत्तीसगढ़ में पहली बार इस प्रकार का गांजा बरामद हुआ है। आमतौर पर इस तरह का नशा बड़े महानगरों, विदेशी बाजारों या हाई-प्रोफाइल पार्टियों में देखने को मिलता है। इस वजह से पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह हाइड्रोपोनिक गांजा भिलाई तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क काम कर रहा है।

    नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में कई अहम जानकारी सामने आने की संभावना है। पुलिस अब इन सवालों की जांच कर रही है-

    • हाइड्रोपोनिक गांजा कहां से आया
    • क्या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह है
    • क्या अन्य शहरों में भी इसका नेटवर्क फैला है

    इसके लिए आसपास के जिलों और राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है।

    दुर्ग पुलिस इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि, जल्द ही इस नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों का भी खुलासा हो सकता है। अधिकारियों के अनुसार, अगर इस नेटवर्क के अन्य सदस्य सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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    क्या होता है हाइड्रोपोनिक गांजा?

    हाइड्रोपोनिक गांजा एक आधुनिक खेती तकनीक से तैयार किया जाता है। इसमें पौधों को मिट्टी के बिना उगाया जाता है। इस तकनीक में पौधों की जड़ों को सीधे पानी और पोषक तत्वों के घोल में रखा जाता है। यही कारण है कि इसे हाइड्रोपोनिक वीड कहा जाता है।

    कैसे उगाया जाता है हाइड्रोपोनिक गांजा

    इस तरह के गांजे की खेती के लिए विशेष व्यवस्था की आवश्यकता होती है। इसमें शामिल होते हैं-

    • बंद कमरे या लैब जैसा सेटअप
    • पानी से भरा टैंक
    • पोषक तत्वों का घोल
    • शक्तिशाली LED या HPS लाइट
    • एयर पंप से ऑक्सीजन सप्लाई

    इस तकनीक में मिट्टी की जगह कोको कॉयर, रॉकवूल या पेर्लाइट जैसे माध्यम का इस्तेमाल किया जाता है, जो पौधों की जड़ों को सहारा देते हैं।

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    सामान्य गांजे से ज्यादा नशीला और महंगा

    जानकारी के अनुसार, हाइड्रोपोनिक तकनीक से उगाया गया गांजा सामान्य गांजे से कई गुना ज्यादा नशीला होता है। इसमें टीएचसी (THC) का स्तर अधिक होता है, जिससे इसका नशा भी ज्यादा प्रभावशाली माना जाता है। हालांकि, इसे तैयार करने की लागत भी बहुत अधिक होती है क्योंकि महंगे उपकरणों की जरूरत होती है। बिजली की खपत ज्यादा होती है और विशेष पोषक तत्वों का इस्तेमाल करना पड़ता है। इसी कारण यह बाजार में बहुत महंगा बिकता है।

    कम बीमारियां और ज्यादा उत्पादन

    हाइड्रोपोनिक खेती का एक फायदा यह भी माना जाता है कि, इसमें पौधों में कीड़े या बीमारियां कम लगती हैं क्योंकि इसमें मिट्टी का उपयोग नहीं होता। साथ ही इस तकनीक में पौधों की वृद्धि तेज होती है और कम पानी में भी ज्यादा उत्पादन संभव होता है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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