Dr. Mohan Yadav Cabinet :कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा, पोषण आहार की राशि भी बढ़ाई

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते, जल गंगा अभियान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग, अतिथि शिक्षकों के मानदेय, सिंचाई परियोजना, पोषण आहार और युवाओं के प्रशिक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। छठवें और सातवें वेतनमान वाले सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता एक जुलाई 2025 से प्रभावी होगा। कर्मचारियों को अब 58 प्रतिशत डीए मिलेगा। इसके अलावा पेंशनरों को भी 3 प्रतिशत महंगाई राहत बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। यह निर्णय भी एक जुलाई 2025 से प्रभावी होगा।
AI स्टेट मिशन को मंजूरी
MSME मंत्री चेतन्य कश्यप ने जानकारी दी कि राज्य में AI स्टेट मिशन शुरू किया जाएगा। इसके तहत कृषि, स्वास्थ्य, पोषण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य तकनीक के माध्यम से सेवाओं को अधिक प्रभावी और तेज बनाना है। इसके अलावा रीवा जिले की महाना सिंचाई परियोजना को भी मंजूरी दी गई है, जिस पर 82 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
अतिथि शिक्षकों का मानदेय दोगुना
दिव्यांगों के लिए संचालित शिक्षण संस्थानों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अब उन्हें 9000 रुपये की जगह 18000 रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। वहीं कुपोषित बच्चों के लिए चलाई जा रही योजना में पोषण आहार की राशि भी बढ़ाई गई है। अब बच्चों को प्रतिदिन 8 रुपए की जगह 12 रुपए मिलेंगे, जिससे पोषण स्तर सुधारने में मदद मिलेगी।
युवाओं के लिए प्रशिक्षण
पिछड़ा वर्ग (OBC) के युवाओं के लिए शौर्य संकल्प प्रशिक्षण 2026 शुरू किया जाएगा। इस योजना के तहत पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए राज्य के 10 संभागों में प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
6,940 करोड़ रुपए के निर्माण और विकास कार्यों की दी मंजूरी
कैबिनेट ने 6,940 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण और विकास कार्यों की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार वाणिज्य कर विभाग अंतर्गत ग्रामीण आवास एवं परिवहन अधोसंरचना विकास के लिए 2,933 करोड़,वाणिज्यिक कर ट्रिब्यूनल और विभागीय परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 37 करोड़ रूपये, सूचना प्रौद्योगिकी और स्थापना व्यय अंतर्गत 162 करोड़ रूपये सहित 9 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता की स्वीकृति दी गई है। लोक निर्माण विभाग अंतर्गत मंत्रालय भवन के निर्माण, विधानसभा एवं विधायक विश्राम गृह, नवीन विधायक विश्राम गृह के निर्माण के लिए 691 करोड़ रूपये, शासकीय आवास गृह, स्टेट गेस्ट हाउस और कार्यालय निर्माण के लिए 731 करोड़ रूपये, परियोजना क्रियान्वयन इकाई सम्बन्धित कार्य के लिए 565 करोड़ रूपये और राजधानी परियोजना का स्थापना व्यय के लिए 379 करोड़ रूपये सहित संबंधित 17 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतरता की स्वीकृति दी गई है।












