Shivani Gupta
19 Jan 2026
धर्म डेस्क। हर साल की तरह इस बार भी दिवाली की तारीख को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। कई लोग 20 अक्टूबर को दिवाली मनाने की बात कह रहे थे, जबकि कुछ विद्वान 21 अक्टूबर को सही मान रहे थे। ज्योतिर्विदों के अनुसार, इस वर्ष दिवाली 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को ही मनाई जाएगी।
इस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि रहेगी, जो 20 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 44 मिनट से प्रारंभ होकर 21 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 55 मिनट तक रहेगी। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, दिवाली की तिथि प्रदोष काल व्यापिनी होनी चाहिए और यह काल 20 अक्टूबर को ही प्राप्त हो रहा है। इसी कारण लक्ष्मी-गणेश पूजन एवं दीपावली उत्सव 20 अक्टूबर को ही शुभ और फलदायी रहेगा।

इस बार दिवाली पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा के लिए दो प्रमुख मुहूर्त रहेंगे।
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि लक्ष्मी पूजन के लिए वृषभ काल सबसे शुभ माना गया है। यानी, इस समय मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए 1 घंटे 11 मिनट का श्रेष्ठ योग रहेगा।
वहीं, जो लोग 21 अक्टूबर को दिवाली मनाने की सोच रहे हैं, उन्हें सावधान रहना चाहिए, क्योंकि उस दिन न तो प्रदोष काल में अमावस्या रहेगी और न ही पूजन का कोई शुभ योग उपलब्ध होगा। ऐसे में 21 अक्टूबर को लक्ष्मी पूजन करने से दोष उत्पन्न हो सकता है।
दिवाली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि अंधकार पर प्रकाश की विजय, नकारात्मकता पर सकारात्मकता की जीत का प्रतीक है। 20 अक्टूबर की शाम दीपों की रोशनी से घर-आंगन जगमगाएंगे और मां लक्ष्मी के स्वागत में हर घर में श्रद्धा के दीप प्रज्वलित होंगे।