Sidhi News10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचे गए जिला अभियोजन अधिकारी

सीधी। जिला न्यायालय परिसर में सोमवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब रीवा लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला अभियोजन अधिकारी (DPO) राजकुमार रावत को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त की टीम को देखते ही आरोपी अधिकारी ने घूस के पैसे सड़क किनारे फेंक दिए और भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद टीम ने घेराबंदी कर उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
शिकायत के बाद की गई कार्रवाई
फरियादी पंकज तिवारी ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई थी कि कोर्ट में चल रहे एक मामले की कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के एवज में अभियोजन अधिकारी द्वारा 10 हजार रुपए की मांग की जा रही थी। शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही फरियादी ने पैसे दिए, टीम ने आरोपी को पकड़ लिया। खुले मैदान में ही आरोपी के हाथों की रासायनिक जांच (केमिकल टेस्ट) की गई, जिसमें हाथ लाल हो गए।
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इसी मामले में मझौली टीआई हुए थे ट्रैप
इस मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। फरियादी के अनुसार, जिस केस में अभियोजन अधिकारी रिश्वत मांग रहे थे, उसी प्रकरण में साल 2025 में मझौली थाने के तत्कालीन एसआई कमलेश त्रिपाठी को भी लोकायुक्त ने ट्रैप किया था। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
आरोपी को 10 हजार रु. की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया
आरोपी को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
एसएस मरावी, टीआई, लोकायुक्त रीवा
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