भारत को AI नहीं, HI की जरूरत है…धीरेंद्र शास्त्री ने बताया ह्यूमन इंटेलिजेंस का असली मतलब

मध्य प्रदेश के छतरपुर में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ओर बढ़ रही है, लेकिन भारत को सिर्फ AI नहीं, बल्कि HI यानी ह्यूमन इंटेलिजेंस की ज्यादा जरूरत है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि तकनीक इंसान की जिंदगी को आसान जरूर बना सकती है, लेकिन इंसानियत, संवेदनशीलता और सही-गलत का फैसला करने की क्षमता किसी मशीन में नहीं हो सकती। उनके मुताबिक, अगर तकनीक के साथ मानवीय मूल्यों को नहीं जोड़ा गया तो समाज के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।
HI का मतलब सिर्फ तेज दिमाग नहीं
अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने HI यानी ह्यूमन इंटेलिजेंस का अर्थ भी समझाया। उन्होंने कहा कि इसका मतलब केवल पढ़ा-लिखा या बुद्धिमान होना नहीं है। असली ह्यूमन इंटेलिजेंस वह है, जो व्यक्ति को सही और गलत में फर्क करना सिखाए, दूसरों के प्रति करुणा का भाव पैदा करे और जीवन में नैतिक मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा दे। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोग तकनीक पर अधिक निर्भर होते जा रहे हैं, लेकिन इंसानी सोच, संवेदना और विवेक की कोई जगह नहीं ले सकता। यही गुण समाज और देश को आगे बढ़ाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं।
युवाओं को दिया खास संदेश
धीरेंद्र शास्त्री ने युवाओं से कहा कि उन्हें नई तकनीकों को सीखने और अपनाने से पीछे नहीं हटना चाहिए। AI और आधुनिक तकनीक भविष्य का हिस्सा हैं, लेकिन इनके साथ अपनी संस्कृति, परंपराओं और मानवीय मूल्यों को भी संभालकर रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर युवा तकनीकी रूप से सक्षम होने के साथ-साथ संस्कारों और नैतिकता को भी अपने जीवन में जगह देंगे, तो देश का भविष्य और मजबूत होगा।
भारत की ताकत उसकी संस्कृति और मानवीय सोच
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत की पहचान केवल तकनीकी प्रगति से नहीं, बल्कि उसकी आध्यात्मिक विरासत, संस्कारों और मानवीय दृष्टिकोण से भी होती है। इसलिए ऐसी पीढ़ी तैयार करने की जरूरत है, जो आधुनिकता और परंपरा के बीच संतुलन बना सके। धीरेंद्र शास्त्री का मानना है कि आने वाले समय में AI का महत्व बढ़ेगा, लेकिन समाज को सही दिशा देने का काम हमेशा इंसान की बुद्धि और मानवीय सोच ही करेगी।
ये भी पढ़ें: स्कूल के टिफिन में बीफ! हिंदू छात्रों पर खाने का दबाव, जबरन गोमांस खिलाने की कोशिश, आरोपी छात्र की मां गिरफ्तार
सोशल मीडिया पर चर्चा में आया बयान
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का यह बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग इसे तकनीक और मानवता के बीच संतुलन बनाए रखने का संदेश मान रहे हैं। वहीं उनके समर्थकों का कहना है कि AI के बढ़ते प्रभाव के दौर में HI यानी ह्यूमन इंटेलिजेंस पर दिया गया यह संदेश युवाओं के लिए प्रेरणादायक और समय की जरूरत है।












