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भोजशाला विवाद में हाईकोर्ट सख्त:6 अप्रैल से होगी रोज सुनवाई, अब टलना मुश्किल!

धार की भोजशाला को लेकर चल रहा विवाद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। इंदौर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने मामले में सख्त रुख अपनाते हुए 6 अप्रैल से रोजाना सुनवाई का आदेश दिया है, जिससे दोनों पक्षों की टेंशन बढ़ गई है। वहीं मुस्लिम पक्ष ने मस्जिद होने के दस्तावेज कोर्ट में पेश कर दिए हैं, जिन पर 10 अप्रैल को धार जिला कोर्ट में सुनवाई होगी।
6 अप्रैल से होगी रोज सुनवाई, अब टलना मुश्किल!
Ai Generated
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद ने एक बार फिर कानूनी मोर्चे पर रफ्तार पकड़ ली है। 02 अप्रैल को इंदौर हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में इस मामले की सुनवाई हुई, जहां कोर्ट ने पूरे केस को लेकर साफ और सख्त रुख दिखाया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे और दस्तावेज पेश किए। अब इस मामले में अगली अहम तारीखें तय कर दी गई हैं, जिससे आने वाले दिनों में यह विवाद और गर्माने वाला है।

    कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि इस केस की सुनवाई अब दो अलग-अलग स्तर पर होगी। इंदौर हाईकोर्ट में लंबित याचिकाओं पर 6 अप्रैल से लगातार सुनवाई शुरू होगी, जबकि सिविल सूट से जुड़े मुद्दों पर 10 अप्रैल को धार जिला कोर्ट में सुनवाई की जाएगी।

    6 अप्रैल से हाईकोर्ट में रोज होगी सुनवाई

    इंदौर हाईकोर्ट ने यह बड़ा फैसला लिया है कि भोजशाला विवाद से जुड़ी पांच अलग-अलग याचिकाओं पर 6 अप्रैल, सोमवार से नियमित सुनवाई होगी। खास बात यह है कि यह सुनवाई रोजाना दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगी।

    यह भी पढ़ें: भोजशाला विवाद : मौके का मुआयना करेगा हाईकोर्ट, मुस्लिम पक्ष ने मांगी सर्वे की वीडियोग्राफी

    कोर्ट ने यह भी कहा कि सभी याचिकाओं को एक-एक कर क्रमवार सुना जाएगा, ताकि हर पहलू को ठीक से समझा जा सके। इस फैसले से साफ है कि अदालत अब इस मामले को लंबा खींचने के बजाय तेजी से निपटाने के मूड में है।

    धार कोर्ट में सिविल सूट की सुनवाई

    मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि यह मामला सिविल सूट का है और इसे उसी आधार पर सुना जाना चाहिए। इस पर हाईकोर्ट ने सहमति जताते हुए कहा कि सिविल सूट की सुनवाई धार जिले की कोर्ट में ही होगी।

    अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 अप्रैल को धार जिला कोर्ट में होगी। कोर्ट ने सभी पक्षों को आदेश दिया है कि वे इस दिन अपने जवाब और दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहें। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि उस दिन केवल सिविल सूट से जुड़े मुद्दों पर ही चर्चा होगी।

    मुस्लिम पक्ष ने पेश किए दस्तावेज

    सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से वकील अरशद वारसी ने कहा कि उन्होंने पहले ही कोर्ट को बताया था कि इस विवाद में कई पक्ष और मुद्दे शामिल हैं। इसलिए जरूरी है कि इसे सिविल सूट के तहत ही सुना जाए।

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    उन्होंने यह भी बताया कि उनकी ओर से मस्जिद होने से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज कोर्ट में जमा कर दिए गए हैं। अब इन दस्तावेजों पर आगे की सुनवाई 10 अप्रैल को धार कोर्ट में होगी।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी जिक्र

    हिंदू पक्ष के वकील श्रीश दुबे ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के एक पुराने आदेश का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मुस्लिम पक्ष पहले वीडियो और फोटो से जुड़े मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट गया था।
    उस याचिका पर जो भी आदेश आया था, उसकी जानकारी हाईकोर्ट को दी गई है। इससे यह साफ होता है कि इस केस में पहले भी कई कानूनी मोड़ आ चुके हैं और अब हर पहलू को ध्यान में रखते हुए आगे की सुनवाई हो रही है।

    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े सलमान खुर्शीद

    इस अहम सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील सलमान खुर्शीद भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। उन्होंने भी अपने पक्ष को मजबूती से रखा और कानूनी दलीलें पेश कीं।

    अब क्या होगा आगे?

    भोजशाला विवाद अब एक अहम मोड़ पर पहुंच चुका है। 6 अप्रैल से हाईकोर्ट में लगातार सुनवाई और 10 अप्रैल को धार कोर्ट में सिविल सूट की सुनवाई इस केस की दिशा तय कर सकती है।

    सभी पक्षों को अब अपने-अपने सबूत और तर्क मजबूती से रखने होंगे, क्योंकि अदालत ने साफ संकेत दे दिया है कि अब फैसले की ओर तेजी से बढ़ा जाएगा। यह मामला न केवल कानूनी बल्कि सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील है, इसलिए हर सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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