Shivani Gupta
2 Jan 2026
नई दिल्ली। दिल्ली में लाल किले के पास हुए ब्लास्ट से क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल हो गया। कार में हुआ ब्लास्ट इतना तेज था कि कई गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। इसे साथ ही वहां मौजूद लोग गिर पड़े। चारों ओर धुआं फैल गया। ब्लास्ट में 11 लोगों की मौत हो गई और लगभग 40 लोग घायल हो गए। घायलों को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक चश्मदीद ने बताया कि वो घर पर सो रहे थे, जब छत पर गया तो देखा कि आग की लपटें आसमान छू रही थीं। चारों तरफ अफरातफरी मची हुई थी। मौके पर मौजूद स्थानीय व्यक्ति ने एएनआई से बात करते हुए बताया कि जब हम मौके पर पहुंचे तो सड़क पर किसी का हाथ पड़ा हुआ देखा, हम पूरी तरह दंग रह गए। यह नजारा शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि आसपास कई कारें क्षतिग्रस्त हो चुकी थीं और सड़क पर शरीर के टुकड़े बिखरे हुए थे। कोई समझ नहीं पा रहा था कि आखिर हुआ क्या है।
चश्मदीदों ने बताया कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि बिल्डिंग्स की खिड़कियां तक खुल गईं। एक चश्मदीद ने बताया कि मैं अपनी दुकान में बैठा था, अचानक इतना तेज धमाका हुआ कि मैं कुर्सी से गिर पड़ा। उन्होंने कहा कि मैंने जिंदगी में इतना भयानक धमाका कभी नहीं सुना। ब्लास्ट के बारे में पता चलते ही दिल्ली के अन्य इलाकों में भी दहशत का माहौल हो गया। हर कोई जल्दी से जल्दी घर या सुरक्षित जगह पर पहुंचना चाह रहा था।
25 मई 1996 : लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट में विस्फोट —16 लोगों की मौत।
18 अक्टूबर 1997 : रानी बाग मार्केट में दो विस्फोट — 1 की मृत्यु, 23 घायल।
29 अक्तूबर 2005 : सरोजिनी नगर, पहाड़गंज व गोविंदपुरी में तीन विस्फोट — लगभग 60 की मौत, 100 से ज्यादा घायल।
13 सितंबर 2008 : गफ्फार मार्केट, कनॉट प्लेस व ग्रेटर कैलाश-I में विस्फोट — 20-30 की मौत, 90 से ज्यादा घायल।
27 सितंबर 2008 : मेहरौली के फ्लावर मार्केट में विस्फोट — 3 की मृत्यु, 23 घायल।
25 मई 2011: दिल्ली हाई कोर्ट पार्किंग में विस्फोट — कोई मृत्यु नहीं।