
जबलपुर। सिविल लाइन थाने की मिलेनियम कॉलोनी में पिता-पुत्र की हत्या के मुख्य आरोपी ने गुरुवार को सिविल लाइन थाने में सरेंडर कर दिया। पुलिस ने हरिद्वार से हत्याकांड की आरोपी नाबालिग बेटी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। शुक्रवार को एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने लगभग ढाई महीने पहले हुए इस सनसनीखेज मामले का खुलासा किया। दोनों आरोपियों से पूछताछ हुई तो पुलिस अफसर भी घटना को अंजाम देने के तरीके को सुनकर दंग रह गए। मुख्य आरोपी बेटी का प्रेमी था और उसका इरादा अपनी प्रेमिका समेत पांच लोगों से बदला लेना था, जिनके टैटू उसने अपने सीने में गुदवाए थे।
परिजनों की सख्ती से नाराज था आरोपी
एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों ने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकारी है। असल में नाबालिग के परिजन आरोपी मुकुल को उसकी प्रेमिका को मिलने नहीं दे रहे थे। इसके साथ ही उसे मोबाइल पर चैटिंग करने से भी मना कर दिया गया था। इसे लेकर दोनों ने पिछले साल सितंबर से ही नाबालिग के पिता राजकुमार की हत्या की योजना बनाना शुरू कर दी थी। पुलिस को चकमा देने के लिए दोनों इस तरह साजिश करना चाहते थे कि यह यह चोरी के लिए की गई हत्या लगे। इसके लिए उन्होंने बकायदा कटर मशीन भी खरीदी थी।
मौज एप से करते थे आपस में बात-चीत
पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि पिता राजकुमार को उसके और नकुल के बारे में पता चल गया था। इसके बाद पिता ने मुकुल की शिकायत थाने में की थी, जिसमें मुकुल पर कार्रवाई हुई थी। इसके बाद पिता ने नाबालिग को इटारसी भेज दिया था और जब मुकुल जेल से बाहर आया, तो वह मौज एप पर नाबालिग से बातचीत करता था। इसी दौरान दोनों ने मिलकर राजकुमार की हत्या की योजना बना ली थी।
सीने में बनवाए थे दुश्मनों का टैटू
आरोपी मुकुल सिंह अपने प्यार को पाने के लिए हर हद पार कर सकता था। जिसने उसे नाबालिग से दूर रखने की कोशिश की, वह सब उसके लिए दुश्मन हो गए। यहां तक कि उसकी प्रेमिका ने जब उसकी शिकायत दर्ज कराई थी, तो वह भी उसकी दुश्मन बन गई थी। आरोपी ने पांच सिरों वाले टैटू गुदवाए, इसमें प्रेमिका, मृतक राजकुमार विश्वकर्मा, मृतक राजकुमार की एक रिश्तेदार, एक महिला एसआई और एक जीआरपी का पुलिस कर्मी शामिल है। इन सभी से मुकुल को बदला लेना था।
राजकुमार के बाद की मासूम तनिष्क की हत्या
आरोपियों ने सिर्फ राजकुमार की हत्या की योजना बनाई थी। वह इस तरीके से घर में घुसे थे कि सभी को ऐसा लगे कि कोई चोरी के मकसद से अंदर आया है। योजना के मुताबिक आरोपी मुकुल और नाबालिग ने राजकुमार पर कुल्हाड़ी से वार किया। उसकी चीख सुनकर उनका 8 साल का बेटा तनिष्क भी उठ गया और उसने हत्या करते हुए दोनों को देख लिया। जब वह चिल्लाने लगा तो दोनों ने मिलकर उसकी भी हत्या कर दी।
शव के टुकड़े करके फेंकने की थी प्लानिंग
दोनों आरोपियों की योजना थी कि वह राजकुमार के शव को टुकड़ों में काटकर बाहर फेंक देंगे, जिससे उसका शव न मिलने पर दोनों को कोई पकड़ नहीं सकेगा। हालांकि हत्या के बाद जैसे ही कमरे में खून फैला, तो दोनों डर गए। इसके बाद नाबालिग और मुकुल ने मिलकर पूरे घर में पोंछा लगाकर सुगंधित अगरबत्ती और धूप जला दी। इसके बाद कटर से राजकुमार के शव के 10 से ज्यादा टुकड़े और उसे घर के अंदर ही ठिकाने लगाया। इसके बाद तनिष्क के शव को फ्रिज में डाल दिया। जब वह शव को ठिकाने लगा रहे थे, तभी दूध वाला नाबालिग के घर पहुंचा और डोरबेल सुनकर वह सकते में आ गई। हालांकि उस समय नाबालिग ने अपने डर को छिपाते हुए दूध वाले से दूध ले लिया।
कटनी के रास्ते दोस्त के पास बंगलुरु पहुंचे, छिपाई कुल्हाड़ी
आरोपी जबलपुर से अलग-अलग भागे, ताकि किसी को संदेह न हो। दोनों इसके बाद कटनी में मिले और वहां से दोनों, मुकुल के साथी घर बंगलुरु गए। यहां आरोपी मुकुल ने कुल्हाड़ी छिपा दी। जब मुकुल के दोस्त को पता चला कि वह दोनों हत्या करके आए हैं, तो उसने उन दोनों को घर से भगा दिया।
राजकुमार के खाते से किए रुपए ट्रांसफर
दोनों आरोपियों ने राजकुमार की हत्या करने के बाद उसके अकाउंट से लगभग डेढ़ लाख रुपए ऑनलाइन निकाले। इस रकम का उपयोग दोनों ने इंदौर, बंगलुरु, पुणे, मुंबई, भुवनेश्वर, गुवाहाटी, शिलांग(मेघालय), झांसी, आगरा, चंडीगढ़, अमृतसर, हरिद्वार जैसे स्थानों पर पुलिस से छिपने के लिए किया। दोनों नेपाल भी जाना चाहते थे, लेकिन दस्तावेज न होने से विफल रहे। मुकुल और उसकी नाबालिग प्रेमिका का लगभग 80 दिनों की फरारी में ज्यादातर समय रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म, बस स्टैंड में व बस-ट्रेन के सफर में गुजरा। रुपए खत्म हो जाने पर दोनों गुरुद्वारों के लंगर और मंदिरों के भंडारों में भोजन करके अपना पेट भर रहे थे।
ये भी पढ़ें- VIDEO : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग की गुंडागर्दी, साथियों के साथ हमला कर एक परिवार को पीटा