UP News:बागपत में सिलेंडर में लगी आग ने छीनी मासूम की जिंदगी, बच्चे को बचाने में झुलसे कई परिजन

बड़ौत। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बड़ौत शहर में देर रात एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। घर में चाय बनाते समय गैस सिलेंडर से गैस रिसाव होने के बाद आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में चार वर्षीय मासूम जैद गंभीर रूप से झुलस गया, जिसकी बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्चे को बचाने के प्रयास में उसका भाई, दादा दादी और चाचा भी आग की चपेट में आकर घायल हो गए। घटना के बाद पूरे मोहल्ले में मातम का माहौल है।
चाय बनाते समय अचानक भड़की आग
बड़ौत कोतवाली क्षेत्र के पठानकोट मोहल्ले में रहने वाला परिवार देर रात घर में चाय बना रहा था। इसी दौरान रसोई में रखे बड़े गैस सिलेंडर से गैस रिसाव शुरू हो गया। कुछ ही क्षणों में सिलेंडर ने आग पकड़ ली। आग इतनी तेजी से फैली कि पास में रखा छोटा गैस सिलेंडर भी उसकी चपेट में आ गया। देखते ही देखते पूरे घर में धुआं और आग फैल गई, जिससे परिवार के लोगों में दहशत फैल गई।
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बाहर निकले लोग, अंदर रह गया मासूम
आग लगते ही परिवार के सदस्य जान बचाने के लिए घर से बाहर निकल आए लेकिन बाहर पहुंचने पर उन्हें पता चला कि चार वर्षीय जैद घर के अंदर ही रह गया है। घबराहट और डर की वजह से वह घर में रखी एक चारपाई के नीचे जाकर छिप गया था। परिजनों ने जब उसे नहीं देखा तो सभी दोबारा घर के अंदर पहुंचे और उसे बाहर निकालने की कोशिश शुरू की।
बच्चे को बचाने में झुलसे परिवार के सदस्य
मासूम को बाहर निकालने के प्रयास में उसके 10 वर्षीय बड़े भाई हुसैद ने साहस दिखाते हुए आग के बीच घर में प्रवेश किया। इस दौरान वह गंभीर रूप से झुलस गया। बच्चे के दादा कय्यूम और दादी संजीदा भी उसे बचाने की कोशिश में आग की चपेट में आ गए। काफी मशक्कत के बाद जैद को बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी हालत गंभीर होने के कारण उसे दिल्ली रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
चाचा ने दिखाई बहादुरी
हादसे के दौरान जैद के चाचा वसीम ने भी हिम्मत का परिचय दिया। उन्होंने आग की लपटों में घिरे सिलेंडर को किसी तरह घर से बाहर खींचकर एक खाली प्लॉट में फेंक दिया। इस कोशिश में वह खुद भी गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सिलेंडर समय रहते बाहर नहीं निकाला जाता तो उसके फटने का खतरा था, जिससे आसपास के कई घरों को नुकसान पहुंच सकता था।
पड़ोसियों ने मिलकर बुझाई आग
सिलेंडर को बाहर फेंकने के बाद भी उसमें आग लगातार जलती रही। ऊंची उठती लपटों को देखकर पूरे मोहल्ले में दहशत फैल गई। आसपास के लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया। काफी देर की मेहनत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई।
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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
चार वर्षीय जैद अपने छह भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता हासिम वाहन चलाकर परिवार का खर्च चलाते हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य मजदूरी करते हैं। परिजनों ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है।











