IND vs WI: गुवाहाटी में जॉन कैंपबेल का तूफानी शतक, 65 गेंदों में सेंचुरी

कैंपबेल ने महज 65 गेंदों में अपना शतक पूरा किया और 68 गेंदों में 101 रन बनाकर आउट हुए। इससे पहले भारत के खिलाफ वेस्टइंडीज की ओर से सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड रिकार्डो पॉवेल के नाम था, जिन्होंने 1999 में 72 गेंदों में सेंचुरी लगाई थी। कैंपबेल की पारी में 9 चौके और 5 छक्के शामिल रहे।
भारत के खिलाफ सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड
भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला गुवाहाटी में खेला जा रहा है। भारत के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन कैंपबेल ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और 65 गेंदों में शतक पूरा कर नया रिकॉर्ड कायम किया।
ये भी पढ़ें: Asian Games 2026: भारत ने आज तीरंदाजी-शूटिंग में जीते 4 गोल्ड, मेडल टैली में 7वें स्थान पर पहुंचा
पॉवेल का 1999 का रिकॉर्ड टूटा
कैंपबेल से पहले भारत के खिलाफ वेस्टइंडीज की ओर से सबसे तेज शतक रिकार्डो पॉवेल ने लगाया था। उन्होंने 1999 में सिंगापुर में भारत के खिलाफ 72 गेंदों में शतक बनाया था। इसके बाद 2002 में मार्लन सैमुअल्स ने 73 गेंदों में सेंचुरी लगाई थी, लेकिन पॉवेल का रिकॉर्ड बरकरार रहा। अब कैंपबेल ने 65 गेंदों में शतक लगाकर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
केसी कार्टी 9 रन बनाकर आउट
वेस्टइंडीज का पहला विकेट जल्दी गिर गया, जब सलामी बल्लेबाज केसी कार्टी 9 रन बनाकर प्रसिद्ध कृष्णा का शिकार बने। इसके बाद भी कैंपबेल ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ तेजी से रन बनाए। उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर भारत के खिलाफ वेस्टइंडीज के लिए सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
68 गेंदों में 101 रन, 9 चौके और 5 छक्के
कैंपबेल ने 68 गेंदों में 101 रन की पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। शतक पूरा करने के बाद वह ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके और गुरनूर बराड़ की गेंद पर आउट हो गए, उनका कैच नमन धीर ने पकड़ा। कप्तान शे होप ने भी कैंपबेल का अच्छा साथ दिया।
सीरीज में भारत 1-0 से आगे
सीरीज का पहला वनडे भारत ने 8 विकेट से जीता था और फिलहाल तीन मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे है। पहले मुकाबले में विराट कोहली और शुभमन गिल ने शतक लगाए थे, जबकि वेस्टइंडीज की ओर से जस्टिन ग्रीव्स ने सेंचुरी बनाई थी। दूसरे मुकाबले में वेस्टइंडीज की कोशिश सीरीज बराबर करने की है, जबकि भारत सीरीज जीतने के इरादे से मैदान में उतरा है।




















