CWC Decision :कांग्रेस शुरू करेगी मनरेगा बचाओ आंदोलन, 5 जनवरी से देशभर में होगा प्रदर्शन

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार के वीबी-जी राम जी कानून 2025 के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। दिल्ली में हुई कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की अहम बैठक के बाद पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने घोषणा की कि 5 जनवरी 2026 से देशभर में ‘मनरेगा बचाओ आंदोलन’ शुरू किया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि यह कानून ग्रामीण रोजगार व्यवस्था की आत्मा पर सीधा प्रहार है।
मनरेगा योजना नहीं, संवैधानिक अधिकार है
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मनरेगा कोई साधारण सरकारी योजना नहीं, बल्कि संविधान से उपजा काम का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इसे कमजोर कर या नाम बदलकर गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण समाज से उनका हक छीनना चाहती है। खड़गे ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है और आंदोलन को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।
गरीब और संघीय ढांचा निशाने पर : राहुल
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने वीबी-जी राम जी कानून को गरीब विरोधी बताते हुए कहा कि यह फैसला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाएगा। उनके अनुसार यह कानून न केवल मजदूरों के अधिकारों पर चोट करता है, बल्कि देश के संघीय ढांचे को भी कमजोर करता है। राहुल गांधी ने चेताया कि इससे सत्ता का अत्यधिक केंद्रीकरण होगा, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
निर्णय प्रक्रिया पर उठे सवाल
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस अहम कानून का फैसला प्रधानमंत्री कार्यालय से सीधे लिया गया, जिसमें न मंत्रियों से सलाह ली गई और न ही कैबिनेट में गंभीर चर्चा हुई। उन्होंने इसे ‘वन मैन शो’ करार देते हुए कहा कि सरकार चुनिंदा बड़े उद्योगपतियों के हित में फैसले ले रही है, जबकि उसका खामियाजा ग्रामीण भारत को भुगतना पड़ेगा।
मनरेगा ग्रामीण भारत की रीढ़
राहुल गांधी ने याद दिलाया कि मनरेगा एक अधिकार आधारित व्यवस्था थी, जिसने करोड़ों लोगों को न्यूनतम मजदूरी और रोजगार की गारंटी दी। यह योजना पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ सीधे ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती थी। उनका कहना था कि इसे कमजोर करना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।












