भोपाल। गेहूं खरीदी को लेकर कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। भोपाल में बड़ी संख्या में कांग्रेस और किसान नेता कलेक्टारेट पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि खरीदी की तारीखें बार-बार बदली जा रही हैं, कभी 23 मार्च, फिर 1 अप्रैल, 10 अप्रैल और आगे बढ़ाई जा रही हैं। यह 'तारीख पर तारीख' का खेल किसानों के साथ अन्याय है, जिससे उनमें भारी आक्रोश व्याप्त है। खरीदी केंद्र समय पर प्रारंभ नहीं हो रहे, जिससे किसान अपनी उपज लेकर भटकने को मजबूर हैं।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों से ऋण वसूली की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई थी, लेकिन अव्यवस्थित नीतियों के कारण हजारों किसान डिफॉल्टर घोषित हो गए हैं। एक ओर सरकार किसानों से कर्ज वसूली का दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर उनकी उपज की खरीदी तक नहीं कर पा रही है। जब तक किसानों की फसल की खरीदी नहीं होगी और उन्हें भुगतान नहीं मिलेगा, तब तक वे अपना ऋण कैसे चुकाएंगे यह एक बड़ा सवाल है।
जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष अनोखी पटेल ने कहा कि स्थिति यह है कि किसान अपनी उपज औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर है, जहां उसे 2000 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल तक में गेहूं बेचना पड़ रहा है, जबकि पड़ोसी राज्य राजस्थान में 16 मार्च से गेहूं खरीदी सुचारू रूप से जारी है। यह प्रदेश सरकार की विफलता को दर्शाता है।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं किसानों ने इन सभी मुद्दों को लेकर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान, समय पर खरीदी प्रारंभ करने, उचित समर्थन मूल्य दिलाने एवं ऋण वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, सेवादल प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव, वरिष्ठ नेता अरुण श्रीवास्तव, नरेश ज्ञानचंदानी, अभिषेक शर्मा किसान कांग्रेस शहर जिला अध्यक्ष राघवेंद्र मीना, ग्रामीण अध्यक्ष राम भाई मेहर, जिला कांग्रेस शहर एवं ग्रामीण के ब्लॉक अध्यक्ष, विभिन्न मोर्चा संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।