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शिवराज ने चेताया- बाढ़ राहत में गड़बड़ी की तो छोडूंगा नहीं, लोगों को सूखा संकट से भी बाहर निकालेंगे

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बाढ़ प्रभावितों के खाते में 31.51 करोड़ राहत राशि सिंगल क्लिक से ट्रांसफर की
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को ग्वालियर, चंबल संभाग और विदिशा जिले के बाढ़ प्रभावितों के बारे में जानकारी ली और 24 हजार 529 हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक के जरिए 31 करोड़ 51 लाख राशि ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं मानता हूं कि चुनौती के समय ही नेतृत्व की परीक्षा होती है। मन में यही संकल्प है कि आपको कोरोना के बाद बाढ़ और सूखे के संकट से भी निकालकर बाहर ले जाएंगे। शिवराज ने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। बाढ़ राहत के काम में गड़बड़ी पाई तो किसी को नहीं छोडूंगा। जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। पूरी पारदर्शिता के साथ काम करें क्योंकि लोकतंत्र में संदेश की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। सड़क, पुल-पुलिया आदि के काम चल रहे हैं। वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम में नगरीय विकास और आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह और राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी मौजूद रहे। सीएम ने जनप्रतिनिधियों और बाढ़ प्रभावितों से राहत राशि वितरण समेत अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने ये निर्देश दिए

  • अब तक एक लाख 27 हजार बाढ़ पीड़ितों के खातों में 110 करोड़ रुपए से ज्यादा सहायता राशि जमा कराई जा चुकी है। हमारी कोशिश यही है कि जनता की जिंदगी की गाड़ी पटरी पर रहे, इसके लिए हरसंभव सहायता देने का प्रयास किया। तय किया था कि बाढ़ पीड़ितों की सूची पंचायत भवन पर चस्पा होना चाहिए।
  • आपके खाते में सीधे सहायता राशि डाली गई है, किसी पात्र का नाम छूट गया है तो वे अपनी बात रखें। पूरी संवेदनशीलता से सरकार उस पर पुन: विचार करेगी।
  • सीधे हितग्राही के खाते में राशि जमा की जा रही है क्योंकि अलग-अलग राशि देने में भ्रष्टाचार की शिकायतें आती हैं। कोई भी एक नया पैसा न खा पाए और पूरा पैसा खाते में जाए।
  • कोई आपत्ति करता है तो जांच की जाए और यदि वह पात्र है तो उसका नाम जोड़ा जाए। पुनर्वास का काम चल रहा है और राहत का काम पूरा हो चुका है।
  • ग्वालियर, चंबल संभाग में कम वर्षा होती थी, वहां इस बार वह अतिवृष्टि हो गई। जबकि प्रदेश में 17-18 जिले ऐसे हैं जहां अच्छी वर्षा होती थी और जिनके कारण बांध भरते थे, वहां काम वर्षा हुई है। इसकी वजह से वह खाली हैं, जिससे बिजली नहीं बन पा रही है।
  • कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है इसलिए सावधान रहने की जरूरत है।
Piyush Singh Rajput
By Piyush Singh Rajput

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