
पहलगाम हमले की बरसी पर सीएम उमर अब्दुल्ला ने पीड़ित परिवारों के दर्द को याद करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी। साथ ही ईरान इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध जैसे हालात पर चिंता जताते हुए शांति की अपील की।
पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह दिन आज भी पूरे प्रदेश और देश के लिए बेहद भारी है। उस दर्दनाक घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, वे सभी बेगुनाह थे। वे अपने परिवारों के साथ छुट्टियां मनाने और कश्मीर की खूबसूरती देखने आए थे लेकिन आतंकियों ने उन्हें निशाना बनाकर उनकी जिंदगी छीन ली। उन्होंने कहा कि सरकार और आम लोग आज भी उन परिवारों के दुख में बराबर के सहभागी हैं जिन्होंने अपने अपनों को खोया।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हमले के तुरंत बाद सरकार ने संकल्प लिया था कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को हर हाल में रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि आज भी सरकार उसी वादे पर मजबूती से कायम है। सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार ऐसी रणनीति तैयार की जा रही है, जिससे किसी भी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके। उन्होंने कहा कि हमारी पूरी कोशिश यही है कि जम्मू-कश्मीर में शांति बनी रहे और लोगों का भरोसा मजबूत हो।
मुख्यमंत्री ने पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि अगर पड़ोसी देश चाहे भी तब भी ऐसी घटनाओं को दोबारा होने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार और सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ काम कर रहे हैं और किसी भी हमले की संभावना को खत्म करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के हालात को सामान्य बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उनका कहना था कि शांति और सुरक्षा ही प्रदेश के विकास और लोगों के विश्वास की सबसे बड़ी नींव है।
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पहलगाम हमले का असर पर्यटन पर कुछ हद तक पड़ा था, पिछले साल की तुलना में इस बार शुरुआत में पर्यटकों की संख्या थोड़ी कम रही। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि जैसे जैसे सीजन आगे बढ़ेगा, पर्यटकों की संख्या फिर से बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर देश और दुनिया के पर्यटकों के लिए हमेशा से आकर्षण का केंद्र रहा है। माता वैष्णो देवी के दर्शन, अमरनाथ गुफा मंदिर की यात्रा और कश्मीर की वादियों का आनंद लेने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं। सरकार को भरोसा है कि आने वाले दिनों में पर्यटन क्षेत्र फिर से गति पकड़ेगा।
सीएम उमर अब्दुल्ला ने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी अपनी राय रखी। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का समाधान नहीं होता। उन्होंने कहा कि यह जंग शुरू ही नहीं होनी चाहिए थी और अब इसे जल्द से जल्द खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का असर सिर्फ संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया इसकी मार झेलती है। खास तौर पर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई पर असर से कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित होती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की स्थिति कई अन्य देशों के मुकाबले बेहतर है लेकिन वैश्विक तनाव का असर यहां भी महसूस किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान के अंत में कहा कि जम्मू कश्मीर का भविष्य शांति, सुरक्षा और विकास से जुड़ा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे प्रदेश की एकता और भाईचारे को मजबूत बनाए रखें। सरकार का लक्ष्य सिर्फ सुरक्षा देना नहीं बल्कि ऐसा माहौल बनाना है जिसमें लोग बिना किसी डर के यहां आ सकें, रह सकें और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकें।