असम में चुनावी माहौल गरमाता जा रहा है और राजनीतिक बयानबाजी अब सीधे चुनाव आयोग तक पहुंच गई है। कांग्रेस ने हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उनका नामांकन रद्द करने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने चुनावी हलफनामे में अपनी विदेशों में मौजूद संपत्तियों की पूरी जानकारी नहीं दी।
कांग्रेस नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचा जहां उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जालुकबाड़ी सीट से कांग्रेस उम्मीदवार बिदिशा नियोग के साथ भूपेश बघेल भी मौजूद रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने हलफनामे में विदेशी संपत्तियों का खुलासा नहीं किया जो चुनावी नियमों का उल्लंघन है।
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इससे पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में भूपेश बघेल ने कहा कि अभी तो केवल कुछ देशों से जुड़े मामलों की जानकारी सामने आई है और आने वाले समय में और भी खुलासे हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सवाल पूछना लोकतंत्र का हिस्सा है और मुख्यमंत्री को जवाब देना ही होगा।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सरमा की पत्नी के पास अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं और इससे जुड़े दस्तावेज उनके समर्थकों को विदेश से मिले हैं। उन्होंने इसे बड़ा खुलासा बताया।
इन आरोपों पर हिमंत बिस्वा सरमा ने कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि सभी आरोप पूरी तरह झूठे, मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। उनका कहना है कि यह सब असम की जनता को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि वह और उनकी पत्नी आरोप लगाने वालों के खिलाफ आपराधिक और दीवानी दोनों तरह के मानहानि के मुकदमे दायर करेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयानों के लिए संबंधित नेताओं को जवाबदेह ठहराया जाएगा।