जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर का विरोध :CJP बोली- शिक्षा को कुचलने जैसा फैसला

नीट पेपर लीक मामले के बाद शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अब उत्तर प्रदेश में जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे शिक्षा के लिए नुकसानदायक बताया है।
CJP ने सरकार से आदेश वापस लेने की मांग की
CJP ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश में पहले ही कई स्कूल बंद हो रहे हैं। ऐसे समय में किसी यूनिवर्सिटी को गिराने का फैसला शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने जैसा होगा। पार्टी ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस आदेश पर दोबारा विचार करने और इसे वापस लेने की अपील की है।
रामपुर प्रशासन ने 38 इमारतों को बताया अवैध
रामपुर विकास प्राधिकरण ने जौहर यूनिवर्सिटी परिसर की 40 में से 38 इमारतों को अवैध निर्माण बताया है। प्रशासन ने इन भवनों को हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई का आदेश जारी किया है।
जिलाधिकारी के अनुसार, यूनिवर्सिटी प्रबंधन को 15 दिन का समय दिया गया है। यदि इस अवधि में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो रामपुर विकास प्राधिकरण अपने स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
समाजवादी पार्टी ने भी जताया विरोध
रामपुर प्रशासन की इस कार्रवाई का समाजवादी पार्टी ने विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि प्रशासन का फैसला उचित नहीं है और इस पर पुनर्विचार होना चाहिए।
नीट पेपर लीक को लेकर पहले भी आंदोलन कर चुकी है CJP
इससे पहले CJP ने नीट पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। पार्टी ने परीक्षा में गड़बड़ी की जिम्मेदारी तय करने और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग उठाई थी।
इस आंदोलन में सोनम वांगचुक प्रमुख चेहरों में शामिल थे, जबकि आयोजन की जिम्मेदारी CJP के संस्थापक और अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने संभाली थी। पार्टी का दावा है कि उसके आंदोलन के बाद सरकार ने कार्रवाई की और शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया। साथ ही प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।











