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छिंदवाड़ा में 22 साल की युवती का जटिल ऑपरेशन सफल, दूरबीन तकनीक से निकाला पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट

छिंदवाड़ा के Chhindwara Institute of Medical Sciences (CIIMS) में डॉक्टरों की टीम ने 22 वर्षीय युवती के पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट यानी अग्नाशय में बनी सिस्ट का सफल ऑपरेशन किया। मरीज पिछले 15 से 20 दिनों से पेट दर्द और उल्टी की समस्या से परेशान थी।
छिंदवाड़ा में 22 साल की युवती का जटिल ऑपरेशन सफल, दूरबीन तकनीक से निकाला पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट

छिंदवाड़ा। Chhindwara Institute of Medical Sciences (CIIMS) में डॉक्टरों की टीम ने 22 वर्षीय युवती के पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट यानी अग्नाशय में बनी सिस्ट का सफल ऑपरेशन किया है। यह ऑपरेशन आधुनिक लैप्रोस्कोपिक यानी दूरबीन तकनीक से किया गया। खास बात यह रही कि मरीज का पूरा इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत किया गया।

15-20 दिनों से पेट दर्द और उल्टी से परेशान थी युवती

जानकारी के मुताबिक 22 वर्षीय युवती पिछले करीब 15 से 20 दिनों से पेट दर्द और उल्टी की समस्या से परेशान थी। शुरुआत में उसने दमुआ में इलाज कराया, लेकिन बीमारी का सही कारण सामने नहीं आ सका। लगातार परेशानी रहने के बाद मरीज ने CIIMS छिंदवाड़ा में डॉक्टरों से परामर्श लिया। अस्पताल में डॉक्टरों ने मरीज की स्थिति को देखते हुए जरूरी जांच कराई। इसमें अल्ट्रासाउंड (USG) और CT Scan शामिल थे। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद युवती में पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट की पुष्टि हुई।

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दूरबीन से किया गया सफल ऑपरेशन

मरीज की जांच और स्वास्थ्य स्थिति का पूरा मूल्यांकन करने के बाद CIIMS के Department of General Surgery के हेड ऑफ डिपार्टमेंट प्रोफेसर डॉ. महेंद्र सिंह ने लैप्रोस्कोपिक तकनीक से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। आधुनिक तकनीक की मदद से पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट का सफलतापूर्वक उपचार किया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत में सुधार देखने को मिला और उसे पेट दर्द से राहत मिली।

डॉक्टरों और मेडिकल टीम ने संभाली जिम्मेदारी

इस ऑपरेशन का नेतृत्व प्रोफेसर डॉ. महेंद्र सिंह ने किया। उनके साथ सर्जरी यूनिट-1 के सह प्राध्यापक डॉ. हेमंत अहिरवार और सहायक प्राध्यापक डॉ. निर्मल ठाकुर शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. अश्विनी पटेल, डॉ. सोनाली त्रिपाठी और डॉ. अंशुल जैन ने जिम्मेदारी संभाली। वहीं, ऑपरेशन थिएटर स्टाफ इंचार्ज विमल राउत, कृपा सिस्टर, मोनिका सिस्टर और हेल्पर दीपेश एवं शुभम ने भी सहयोग किया।

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छिंदवाड़ा में इस तरह का पहला ऑपरेशन

बताया गया है कि छिंदवाड़ा जिले में पैंक्रियाटिक स्यूडोसिस्ट का इस तरह का यह पहला ऑपरेशन है। इसे CIIMS और General Surgery विभाग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है। ऑपरेशन के बाद मरीज चिकित्सकीय निगरानी में रही। उसकी स्थिति संतोषजनक बताई गई है। अब वह सामान्य रूप से भोजन कर पा रही है और पेट दर्द से भी राहत मिली है। मरीज की रिकवरी पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

Shyam Sahu
By Shyam Sahu

छिंदवाड़ा के वरिष्ठ पत्रकार हैं। 25 वर्षों का अनुभव अपने क्षेत्र में शासन प्रशासन की खबरें पाठकों त...Read More

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