CG NEWS: छत्तीसगढ़ में गैस क्रांति की तैयारी: 15 दिन में पाइपलाइन परमिशन, नहीं तो मानी जाएगी मंजूर

RAIPUR NEWS। रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार और गैस आधारित बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 'छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति-2026' लागू कर दी है। नई नीति के तहत गैस पाइपलाइन परियोजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया को आसान और समयबद्ध बनाया गया है। अब किसी भी पाइपलाइन परियोजना के लिए आवेदन पर संबंधित अधिकारी को 15 कार्य दिवसों के भीतर फैसला लेना होगा। तय समय में निर्णय नहीं होने पर आवेदन को स्वीकृत माना जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे राज्य में PNG और CNG नेटवर्क का तेजी से विस्तार होगा।
15 दिन में फैसला, नहीं तो मंजूरी स्वतः मान्य
गैस पाइपलाइन परियोजनाओं में सबसे बड़ी बाधा सड़क खुदाई और अन्य अनुमतियों में देरी थी। नई नीति में स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक और आवासीय क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने के लिए किए गए आवेदन पर अधिकतम 15 कार्य दिवसों में निर्णय लेना अनिवार्य होगा। यदि अधिकारी निर्धारित समय में फैसला नहीं लेते हैं तो आवेदन को स्वीकृत माना जाएगा। इससे परियोजनाओं की गति बढ़ने की उम्मीद है।
आवेदन खारिज करना अब आसान नहीं
राज्य सरकार ने अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कहा है कि किसी भी आवेदन को केवल वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं होने के आधार पर खारिज नहीं किया जा सकेगा। यदि आवेदन निरस्त किया जाता है तो संबंधित अधिकारी को लिखित रूप से ठोस कारण बताने होंगे। इससे निवेशकों और गैस वितरण कंपनियों को राहत मिलेगी।
गैस सुरक्षा पर सरकार का फोकस
नीति में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। गैस रिसाव या पाइपलाइन क्षति की स्थिति में मरम्मत कार्य के लिए उपयोग होने वाले वाहनों को 'आपातकालीन वाहन' का दर्जा दिया जाएगा। जिला प्रशासन और गैस कंपनियों को हर वर्ष मॉक ड्रिल आयोजित करनी होगी। साथ ही थर्ड पार्टी इंश्योरेंस और लोक दायित्व बीमा को अनिवार्य बनाया गया है।
हर नए भवन में होगा गैस पॉइंट
सरकार ने भविष्य की शहरी योजना में गैस नेटवर्क को शामिल करते हुए नए भवनों के नक्शों में गैस पाइपलाइन और गैस पॉइंट की व्यवस्था अनिवार्य कर दी है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग अब आवासीय और व्यावसायिक भवनों के डिजाइन में गैस अवसंरचना को शामिल करेगा।
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मास्टर प्लान में CNG स्टेशनों के लिए जमीन आरक्षित
नई नीति के तहत शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के मास्टर प्लान में CNG स्टेशनों के लिए भूमि का पूर्व निर्धारण किया जाएगा। इससे भविष्य में ईंधन आपूर्ति नेटवर्क के विस्तार में भूमि संबंधी बाधाएं कम होंगी।
सरकारी कॉलोनियों में भी मिलेगी PNG सुविधा
लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि सभी सरकारी आवासों, कॉलोनियों और कार्यालय भवनों में PNG कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए। इससे सरकारी परिसरों में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग बढ़ेगा।
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मुख्य सचिव से लेकर कलेक्टर तक करेंगे निगरानी
नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय निगरानी समिति बनाई गई है। वहीं जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में समितियां हर महीने प्रगति की समीक्षा करेंगी। सरकार का उद्देश्य गैस वितरण परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है।












