‘बिना लहसुन-प्याज की मछली शाकाहारी’! संजय निषाद का ये बयान सुनकर चौंके लोग, सावन में छिड़ी नई बहस

इन दिनों योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद का एक बयान चर्चा में आ गया है। एक कार्यक्रम में उन्होंने मछली को लेकर ऐसी बात कही, जिस पर अब राजनीतिक और सामाजिक बहस शुरू होने की संभावना है। संजय निषाद ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि बिना लहसुन-प्याज की बनी मछली शाकाहारी है। उनके इस बयान के बाद मंच पर मौजूद लोग कुछ देर चुप नजर आए, जबकि मंत्री खुद मुस्कुराते दिखाई दिए। खास बात यह है कि फिलहाल सावन का महीना चल रहा है और इस दौरान बड़ी संख्या में हिंदू परिवार मांसाहारी भोजन से परहेज करते हैं। ऐसे में मछली को शाकाहारी बताने वाला यह बयान और ज्यादा चर्चा में आ गया है।
मछली को शाकाहारी बताने पर शुरू हुई बहस
संजय निषाद का बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा शुरू हो गई है। आम तौर पर मछली को मांसाहारी भोजन की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे में मंत्री का यह बयान लोगों के लिए हैरान करने वाला है। हालांकि, संजय निषाद ने यह बात किस संदर्भ में कही, इसे भी समझना जरूरी है। उन्होंने लहसुन-प्याज को आधार बनाते हुए मछली को शाकाहारी बताया। उनके इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। सावन के महीने में खान-पान को लेकर धार्मिक मान्यताओं का विशेष महत्व रहता है। कई लोग इस दौरान मांस, मछली और अंडे से दूरी बनाते हैं। ऐसे में मंत्री का बयान राजनीतिक बहस के साथ-साथ खान-पान और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी चर्चा को भी हवा दे सकता है।
उत्तरप्रदेश : अयोध्या राम मंदिर में 19 मार्च को होगा ‘श्रीराम यंत्र’ की ऐतिहासिक स्थापना
संविधान और मछली के निशान का भी किया जिक्र
कार्यक्रम के दौरान संजय निषाद ने सिर्फ मछली को लेकर ही बयान नहीं दिया, बल्कि उन्होंने मछली, तीर और धनुष को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और भारत के संविधान का निशान मछली, तीर और धनुष है। मंत्री ने इसे निषाद समाज के प्रतीक से जोड़ते हुए कहा कि उन्हें इस पहचान पर गर्व है। संजय निषाद लंबे समय से निषाद समाज के मुद्दों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर अपनी बात रखते रहे हैं। उनके इस बयान को भी इसी सामाजिक और राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है।
लंदन यात्रा का भी सुनाया किस्सा
कार्यक्रम के दौरान मंत्री संजय निषाद ने अपनी लंदन यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने अपने अंदाज में वहां के अनुभव को बताया और भोजपुरी अभिनेता-सांसद रवि किशन का भी नाम लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें लंदन जाने का मौका मिला और वहां उन्होंने देखा कि रवि किशन अपने गानों से लोगों को ‘मस्त’ कर रहे थे, जबकि उन्होंने अपने अंदाज में लोगों को ‘पस्त’ कर दिया। संजय निषाद ने आगे भारत और ब्रिटेन के रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय भारत में लंदन देखने की बात होती थी, लेकिन आज लंदन में भारत दिखाई देता है। उन्होंने ब्रिटेन में भारतीय मूल के व्यक्ति के प्रधानमंत्री बनने का भी उल्लेख किया।
दिल्ली दौरे पर सीएम योगी: पीएम मोदी और नितिन नवीन से की मुलाकात
निषाद समाज को लेकर क्या बोले संजय निषाद?
कार्यक्रम में संजय निषाद ने निषाद समाज की राजनीतिक ताकत और पहचान को लेकर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जो लोग निषाद राज के ‘डंडे’ का स्वागत करते हैं, वे उनके भाई हैं, जबकि विरोध करने वालों के लिए उन्होंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी निषाद समाज के डंडे और झंडे का स्वागत करते हैं। संजय निषाद ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि जो लोग निषाद समाज का सम्मान करेंगे, वे आगे बढ़ेंगे। वहीं, विरोध करने वालों को लेकर उन्होंने बेहद तीखी टिप्पणी की।
सपा, कांग्रेस और बसपा पर भी साधा निशाना
मंत्री ने अपने खास अंदाज में विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने तुकबंदी करते हुए निषाद समाज के राजनीतिक रुख की बात कही और समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया। उन्होंने समाज के लोगों से जुड़े एक नारे के अंदाज में सपा, कांग्रेस और बसपा पर हमला बोला। उनके इस बयान को आगामी चुनावी राजनीति से जोड़कर भी देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि विपक्ष इस बयान को किस तरह मुद्दा बनाता है और निषाद समाज के बीच इसकी कैसी प्रतिक्रिया सामने आती है।











