CG NEWS:छत्तीसगढ़ में व्यापारियों पर नया नियम: अब हर दुकान को लेनी होगी श्रम पहचान संख्या, 24 घंटे में मिलेगा ऑनलाइन प्रमाण पत्र

PREM KUMAR RAIPUR छत्तीसगढ़ सरकार ने कारोबारियों और दुकानदारों के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव प्रस्तावित किया है। अब राज्य में दुकान एवं स्थापना अधिनियम के तहत संचालित प्रतिष्ठानों को श्रम पहचान संख्या (LIN) प्राप्त करना अनिवार्य होगा। श्रम विभाग द्वारा प्रस्तावित संशोधन के अनुसार ऑनलाइन आवेदन और शुल्क जमा करने के बाद मात्र 24 घंटे के भीतर पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे व्यापार करने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और डिजिटल बनेगी।
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सरकार का बड़ा कदम: व्यापारियों के लिए अनिवार्य होगा LIN
छत्तीसगढ़ सरकार ने 'छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना नियम, 2021' में संशोधन का प्रारूप जारी किया है। प्रस्तावित नियमों के तहत राज्य के दुकानदारों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को श्रम पहचान संख्या (Labour Identification Number-LIN) प्राप्त करनी होगी। यह कदम कारोबारियों को तेज और आसान ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
24 घंटे में मिलेगा ऑनलाइन पंजीकरण प्रमाण पत्र
नए नियम के अनुसार नियोजक द्वारा ऑनलाइन आवेदन और ई-चालान के माध्यम से निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद 24 घंटे के भीतर वेब पोर्टल पर पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी और प्रमाण पत्र सिस्टम जनरेटेड रहेगा।
स्वघोषणा के आधार पर होगा पंजीकरण
श्रम पहचान संख्या प्राप्त करने के लिए व्यवसाय संचालकों को स्वघोषणा देनी होगी। आवेदन में उपलब्ध कराई गई जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इसके लिए किसी भौतिक हस्ताक्षर या कार्यालयी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी।
बदलाव होने पर देना होगा 100 रुपये शुल्क
यदि किसी प्रतिष्ठान के मालिक, पते या कर्मचारियों की संख्या में बदलाव होता है, तो संचालक 100 रुपये शुल्क देकर ऑनलाइन संशोधन आवेदन कर सकेंगे। संशोधित प्रमाण पत्र भी 24 घंटे के भीतर जारी करने का प्रावधान रखा गया है।
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गलत जानकारी देने पर होगी कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवेदन में दी गई किसी भी गलत या भ्रामक जानकारी की पूरी जिम्मेदारी नियोजक की होगी। जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी।
कर्मचारियों का पूरा विवरण देना होगा
नए प्रारूप-2 के तहत अब संस्थानों को नियमित, संविदा, अंशकालिक और प्रशिक्षु कर्मचारियों का अलग-अलग विवरण देना होगा। महिला और पुरुष कर्मचारियों की संख्या भी अलग-अलग दर्ज करना अनिवार्य रहेगा।
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सुझाव और आपत्तियों के लिए 30 दिन का समय
उप सचिव विपुल कुमार गुप्ता द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार प्रस्तावित संशोधनों पर प्रभावित व्यक्ति या संस्थाएं 30 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां और सुझाव श्रम विभाग, मंत्रालय महानदी भवन में भेज सकते हैं। प्राप्त सुझावों पर विचार के बाद नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।












