Aakash Waghmare
10 Jan 2026
रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में कक्षा चौथी की अर्धवार्षिक परीक्षा में एक अंग्रेजी पेपर के प्रश्न ने विवाद खड़ा कर दिया है। प्रश्न था- मोना के कुत्ते का नाम क्या है? इसके चार उत्तर विकल्प थे- बाला, शेरू, कोई नहीं और राम। ‘राम’ विकल्प को लेकर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई और इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह प्रश्न पत्र वायरल हो गया।
वहीं रायपुर संभाग के बलौदाबाजार, भाटापारा, महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिलों में हंगामा मच गया। हिंदुत्व संगठनों और NSUI रायपुर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रश्न पत्र तैयार करने वाले- शिखा सोनी, प्रधानपाठक, शासकीय प्राथमिक स्कूल नकटी (खपरी), तिल्दा
शिखा ने स्पष्टीकरण दिया कि, उनका उद्देश्य ‘रामू (RAMU)’ लिखना था, लेकिन टाइपिंग में 'U' छूट गया और 'RAM' छप गया। उन्होंने गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी।
मॉडरेटर- नम्रता वर्मा, सहायक शिक्षक (संविदा), सेजेस उ.मा.वि. फाफाडीह रायपुर
नम्रता वर्मा ने कहा कि, उन्हें जो सेट मिला, उसमें विकल्प यथावत रखे गए थे और त्रुटि अनजाने में रह गई। दोनों शिक्षिकाओं ने लिखित में माफी मांगी और गलती स्वीकार की।
जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर हिमांशु भारती ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की। शिखा सोनी को निलंबित कर दिया गया। नम्रता वर्मा के खिलाफ सेवा से पृथक करने की प्रक्रिया शुरू की गई। DEO ने मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय समिति गठित की, जो प्रश्न पत्र निर्माण, मॉडरेशन और अंतिम मुद्रण से जुड़े सभी दस्तावेजों की समीक्षा करेगी।
जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। DEO ने स्पष्ट किया कि किसी की भी गलती सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
जांच पूरी होने के बाद शिक्षा विभाग ने प्रश्न पत्र तैयार करने वाली प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया है, जबकि मॉडरेटर शिक्षिका के खिलाफ सेवा से पृथक करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कक्षा चौथी के मिड-टर्म परीक्षा का प्रश्न पत्र APC सैम्पा बोस को तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। उन्होंने पांच सदस्यीय एक्सपर्ट कमेटी से प्रश्न पत्र तैयार करवाया। महासमुंद DEO विजय लहरे ने बताया कि, जो प्रश्न पत्र वितरित हुआ, वह उनका भेजा हुआ सेट नहीं था। प्रिंटिंग हाउस कृति ऑफसेट पब्लिशिंग हाउस ने केवल वही प्रिंट किया जो उन्हें DEO कार्यालय से भेजा गया। इस प्रकार तकनीकी गलती के कारण विवादित विकल्प छात्रों तक पहुंच गया।
प्रश्न पत्र वायरल होने के बाद NSUI रायपुर ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया कि, यह केवल तकनीकी गलती नहीं, बल्कि शिक्षा प्रणाली की गंभीर चूक है। NSUI ने चेतावनी दी कि, अगर मामले को ठंडे बस्ते में डालने या दोषियों को बचाने का प्रयास किया गया, तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगा।
महासमुंद DEO विजय लहरे ने कहा कि, उन्हें खेद है कि किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि, उनका भेजा हुआ सेट नहीं छपा और यह पूरी तरह प्रिंटिंग और वितरण की त्रुटि थी।
विवादित प्रश्न पत्र रायपुर संभाग के निम्नलिखित जिलों में वितरित हुआ:
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने पूरे संभाग में सावधानी बरतते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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