जगदलपुर में 210 नक्सलियों का सामूहिक सरेंडर, 1 करोड़ के इनामी रूपेश समेत कई बड़े लीडर ने डाले हथियार, संविधान की पुस्तक-गुलाब किए भेंट

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जगदलपुर में 210 नक्सलियों का सामूहिक सरेंडर, 1 करोड़ के इनामी रूपेश समेत कई बड़े लीडर ने डाले हथियार, संविधान की पुस्तक-गुलाब किए भेंट
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    जगदलपुर। बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जगदलपुर में गुरुवार को 210 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण (Surrender) किया, जिनमें 1 करोड़ के इनामी सेंट्रल कमेटी मेंबर (CCM) सतीश उर्फ टी. वासुदेव राव उर्फ रूपेश समेत कई शीर्ष नक्सली शामिल हैं। इन सभी नक्सलियों ने भारतीय संविधान की प्रति और एक गुलाब फूल लेकर मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया।

    महिलाओं की संख्या ज्यादा

    पुलिस लाइन परिसर में आयोजित आत्मसमर्पण समारोह में 210 नक्सली शामिल हुए। इनमें महिला नक्सलियों की संख्या पुरुषों से अधिक रही। इन नक्सलियों को तीन बसों में भरकर कार्यक्रम स्थल तक लाया गया, जबकि शीर्ष नक्सली रूपेश को सुरक्षा के साथ एक अलग वाहन में लाया गया। कार्यक्रम में बस्तर रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, DGP अरुण देव गौतम, गृहमंत्री विजय शर्मा और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी मौजूद रहे।

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    इनामी नक्सली भी शामिल

    इस आत्मसमर्पण में शामिल नक्सलियों में कई वांछित और इनामी सदस्य शामिल थे —

    • सतीश उर्फ टी. वासुदेव राव उर्फ रूपेश, सेंट्रल कमेटी मेंबर — इनाम ₹1 करोड़
    • डीकेएसजेडसी (DKSZC) के 4 सदस्य
    • रीजनल कमेटी मेंबर 1
    • डीवीसीएम (DVCM) स्तर के 21 नक्सली
    • एसीएम (ACM) स्तर के 61 नक्सली
    • पार्टी मेंबर 98
    • पीएलजीए और अन्य सदस्य 22

    कुल 110 महिला और 98 पुरुष नक्सली इस सरेंडर में शामिल हुए।

     AK-47 से लेकर लॉन्चर तक किउ जमा

    आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने अपने साथ 153 आधुनिक हथियार भी पुलिस को सौंपे। इनमें शामिल हैं —

    • AK-47 राइफल: 19
    • SLR राइफल: 17
    • INSAS राइफल: 23
    • INSAS LMG: 1
    • .303 राइफल: 36
    • कार्बाइन: 4
    • BGL लॉन्चर: 11
    • 12 बोर/सिंगल शॉट गन: 41
    • पिस्तौल: 1

    इन हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में गोला-बारूद, वायरलेस सेट और विस्फोटक सामग्री भी पुलिस ने जब्त की है।

    इंद्रावती नदी पार कर पहुंचे नक्सली

    सूत्रों के अनुसार, सभी नक्सली अपने शीर्ष लीडरों के साथ इंद्रावती नदी पार कर उसपरी घाट पर पहुंचे, जहां से उन्हें बोट के जरिए बीजापुर पुलिस तक लाया गया। इसके बाद सभी को जगदलपुर स्थित पुलिस लाइन लाया गया, जहां एक साथ आत्मसमर्पण कराया गया।
    कई नक्सली माड़ डिवीजन, दरभा और अबूझमाड़ क्षेत्र में सक्रिय थे।

    DGP बोले- अब बस्तर के विकास में देंगे योगदान

    कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के DGP अरुण देव गौतम ने कहा- जो युवा अब तक जंगलों में भटक रहे थे, वे यह समझ चुके हैं कि वे बस्तर की जनता के लिए नहीं, बल्कि उसके नुकसान के लिए लड़ रहे थे। अब जब उन्होंने संविधान की राह पकड़ी है, तो बस्तर के विकास में उनका योगदान अमूल्य होगा। उन्होंने आगे कहा कि बस्तर की यह ऐतिहासिक सरेंडर घटना आने वाले समय में नई दिशा तय करेगी।

    नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता

    राज्य पुलिस के अनुसार, यह छत्तीसगढ़ में अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक आत्मसमर्पण अभियान है।
    पुलिस सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में लगातार सर्च ऑपरेशन और नक्सली सरेंडर नीति के चलते जंगलों में सक्रियता घट रही है। इस सरेंडर के बाद बस्तर, बीजापुर, कांकेर और नारायणपुर जिलों में नक्सल प्रभाव वाले इलाकों में शांति अभियानों को गति मिलेगी।


    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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