राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के कुछ जिला न्यायालयों में गुरुवार को गंभीर सुरक्षा की स्थिति बन गई। राजनांदगांव, बिलासपुर और रीवा कोर्ट को अज्ञात व्यक्ति द्वारा RDX बम से उड़ाने की धमकी ईमेल के माध्यम से दी गई। सूचना मिलते ही प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए कोर्ट परिसर को खाली कराया और बम निरोधक दस्तों को तैनात किया। साइबर सेल धमकी भेजने वाले की पहचान के लिए जांच में जुटा है। इस धमकी के चलते कोर्ट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है और आम जनता के लिए एहतियात बरती जा रही है।
धमकी भरे ईमेल की जानकारी मिलते ही राजनांदगांव और बिलासपुर जिला न्यायालयों में सभी जजों, वकीलों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। कोर्ट परिसर को सील कर दिया गया और हर आने-जाने वाले मार्ग पर पुलिस बल तैनात किया गया। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने पूरे परिसर की सघन जांच शुरू कर दी।
राजनांदगांव के जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार होता को भेजे गए धमकी भरे मेल में स्पष्ट रूप से RDX बम का जिक्र था। मेल गुरुवार सुबह 10 बजकर 7 मिनट पर आया। जिसमें दोपहर 2:35 बजे तक का समय दिया गया था।
बिलासपुर और रायपुर के न्यायालयों में भी बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड को तैनात किया गया। धमतरी और रीवा जिले के न्यायालयों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई। हर मंजिल, रूम और परिसर में आने-जाने वाले लोगों की जांच की जा रही है। कोर्ट परिसर में आम जनता और पक्षकारों की भी कड़ाई से तलाशी ली जा रही है।
पुलिस ने बताया कि, धमकी भरा ईमेल इंटरनेशनल नंबर या VPN का इस्तेमाल कर भेजा गया। इससे मेल भेजने वाले की पहचान छुपाने की कोशिश की गई। साइबर सेल को अलर्ट किया गया है और जांच जारी है। शुरुआती जांच में कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।
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घटना के बाद न्यायालयों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोर्ट जैसी संवेदनशील जगहों पर हमेशा अलर्ट रहना चाहिए, ताकि इस तरह के झूठे या वास्तविक खतरे से निपटा जा सके।
अधिवक्ता रविशंकर सिंह ने कहा कि, सुरक्षा जांच अब नियमित रूप से होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि, कोर्ट परिसर में आने वाले अनाधिकृत लोगों पर कड़ी निगरानी आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
कोर्ट से बाहर निकाले गए लोग डर जरूर महसूस कर रहे थे, लेकिन उन्होंने राहत भी जताई कि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई की। वकीलों ने कहा कि यदि सुरक्षा में थोड़ी भी लापरवाही होती, तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
पुलिस ने पूरे कोर्ट परिसर की तलाशी के साथ आसपास के इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी है। बम निरोधक दस्ते ने हर कमरे, पार्किंग और मुख्य मार्गों की जांच की। डॉग स्क्वॉड संदिग्ध वाहनों और वस्तुओं पर नजर रख रहा है।
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