छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र चौथे दिन भी चर्चा और सवाल-जवाब से भरा रहा। मुख्य मुद्दों में जेलों में हुई मौतें, ड्रग मामलों और अन्य प्रशासनिक मुद्दे शामिल थे।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 तक राज्य की जेलों में हुई मौतों का मुद्दा उठाया। गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि इस दौरान 66 बंदियों की मौत हुई। भूपेश बघेल ने मृतकों की नामवार सूची और खासकर जीवन ठाकुर के मामले की जानकारी मांगी। मंत्री ने कहा कि जीवन ठाकुर का नाम सूची में शामिल है और उनकी मौत इलाज के दौरान खराब हालत के कारण हुई। पंकज साहू का मामला बताए गए समयसीमा से बाहर का है और उसकी जांच नियमों के अनुसार हो रही है।
सदन में ड्रग पैडलर नाव्या मलिक का नाम भी चर्चा में आया। भूपेश बघेल ने 282 ड्रग मामलों की सूची में उनका नाम नहीं होने पर सवाल उठाया। गृह मंत्री ने बताया कि 282 मामलों में 206 में चालान पेश किया जा चुका है और कुल 662 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। संबंधित नाम पर पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।
रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए शराब दुकानों और आहता आवंटन का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि दुकान खोलने के लिए कौन-कौन से मानक तय किए गए हैं और क्या इसमें पारदर्शिता है।
विधायक अंबिका मरकाम ने पारधी समुदाय के लोगों के जाति प्रमाण पत्र न बनने का मुद्दा उठाया। यह मामला आदिम जाति और अनुसूचित जनजाति विकास विभाग से जुड़ा है।
प्रश्नकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के बाद सदन में 24 फरवरी को पेश किए गए बजट पर चर्चा शुरू होगी। विधायक अपने-अपने क्षेत्र और विभाग से जुड़े मुद्दों को बजट से जोड़कर चर्चा करेंगे।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का चौथा दिन सवाल-जवाब, राजनीतिक तीखेपन और मुद्दों की गहन चर्चा से भरा रहेगा। मुख्य फोकस कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर होगा।