Manisha Dhanwani
8 Jan 2026
Aakash Waghmare
7 Jan 2026
Shivani Gupta
6 Jan 2026
रायपुर। छत्तीसगढ़ में रविवार सुबह भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। ACB और EOW की संयुक्त टीमों ने प्रदेश भर में लगभग 20 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह रेड आबकारी घोटाले और DMF (जिला खनिज न्यास) फंड में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच से जुड़ी है।
जानकारी के मुताबिक, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, कोंडागांव और जगदलपुर सहित कई जिलों में यह कार्रवाई चल रही है। टीमों ने सुबह तड़के रेड शुरू की जो दोपहर तक जारी रही। जांच टीमों ने दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा खंगाला।
दुर्ग जिले के भिलाई में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के ठिकानों पर रेड की गई। उनके छह रिश्तेदारों के घर और ऑफिसों पर भी कार्रवाई हुई। रायपुर में कारोबारी और DMF सप्लाई से जुड़े हरपाल अरोरा के लॉ-विस्टा कॉलोनी स्थित निवास पर भी जांच जारी है।
धमतरी में पूर्व विधायक जया बेन दोषी के पोते केतन दोषी के घर में करीब 4 घंटे तलाशी चली। केतन रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हैं। इसके अलावा अंबिकापुर में सप्लायर अमित अग्रवाल और पशु चिकित्सक डॉ. तनवीर अहमद के घर भी छापे पड़े।
कोंडागांव में कारोबारी कोणार्क जैन के घर और दुकानों पर कार्रवाई हुई। दुकान बंद मिलने पर टीम ने ताला खुलवाकर दस्तावेज जब्त किए। वहीं बलरामपुर में सप्लायर मनोज अग्रवाल के घर भी पुलिस कार्रवाई जारी है।
बिलासपुर में रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा के भाई अशोक टुटेजा के दो स्थानों पर दबिश दी गई। यह वही केस है जिसमें शराब घोटाले की जांच पहले से चल रही है।
सूत्रों के मुताबिक, टीमों ने बड़े पैमाने पर डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन, करार दस्तावेज और लेज़र बुक बरामद की हैं। इन दस्तावेजों की जांच के बाद और कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।