करो या मरो का मुकाबला!चेपॉक में छिड़का गया खास स्प्रे, क्या टीम इंडिया को मिलेगा फायदा?

चेन्नई में भारत और जिम्बाब्वे के बीच होने वाले अहम सुपर 8 मुकाबले से पहले मैदान पर ‘ड्यू क्योर’ नाम का खास केमिकल छिड़का गया है, जिसे अमेरिका से मंगाया गया है। इसका मकसद रात में गिरने वाली ओस के असर को कम करना है।
चेपॉक में छिड़का गया खास स्प्रे, क्या टीम इंडिया को मिलेगा फायदा?
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    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    सुपर-8 के अहम मैच में भारत का सामना जिम्बाब्वे से होगा। यह सिर्फ एक लीग मैच नहीं है, बल्कि सेमीफाइनल की उम्मीदों की आखिरी सीढ़ी है। अगर टीम इंडिया को अंतिम चार में पहुंचना है, तो इस मुकाबले को बड़े अंतर से जीतना ही होगा। हर रन की कीमत होगी, हर विकेट मायने रखेगा। यहां छोटी गलती भी भारी पड़ सकती है।

    बारिश को लेकर टेंशन का माहौल

    फैंस के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर बारिश हो गई तो क्या होगा? सुपर 8 में किसी भी मैच के लिए रिजर्व डे नहीं रखा गया है। यानी अगर मैच रद्द हुआ तो दोनों टीमों को एक-एक अंक मिलेगा। ऐसी स्थिति भारत के लिए नुकसानदायक हो सकती है, क्योंकि उसे अंक तालिका में मजबूत स्थिति चाहिए। 

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    हालांकि राहत की बात यह है कि चेन्नई में मैच के दौरान बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। दिन में हल्का बादल रह सकता है, लेकिन शाम तक मौसम साफ रहने की उम्मीद है। तापमान 31 डिग्री से घटकर रात में करीब 27 डिग्री तक आ सकता है। यानी मौसम फिलहाल खेल के अनुकूल दिख रहा है।

    शाम की ओस बन सकती है गेम चेंजर

    मैच शाम 7 बजे से खेला जाएगा। चेन्नई में रात के समय ओस गिरना आम बात है और इसका असर सीधे खेल पर पड़ता है। खासकर दूसरी पारी में गेंदबाजों को दिक्कत होती है।

    गीली गेंद के साथ स्पिनरों के लिए पकड़ बनाना मुश्किल हो जाता है। फील्डिंग भी चुनौती बन जाती है। वहीं बल्लेबाजों को शॉट खेलने में आसानी मिलती है क्योंकि गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी चुन सकती है, ताकि लक्ष्य का पीछा करते समय ओस का फायदा मिले।

    चेन्नई के MA चिदंबरम स्टेडियम में ओस हमेशा से चुनौती रही है। इस बार इससे निपटने के लिए मैदान पर ‘ड्यू क्योर’ नाम का खास केमिकल छिड़का गया है, जिसे विदेश से मंगाया गया है। इसका मकसद आउटफील्ड को ज्यादा गीला होने से बचाना है।

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    मैच से पहले कई बार इसका छिड़काव किया गया है। फिर भी ह्यूमिडिटी 80 से 90 प्रतिशत रहने की संभावना है, इसलिए ओस का असर पूरी तरह खत्म होना मुश्किल है।

    चेपॉक की पिच अब पहले जैसी नहीं

    चेपॉक की पिच पहले स्पिन गेंदबाजों की मदद के लिए जानी जाती थी। धीमी और टर्न लेने वाली सतह यहां की पहचान थी। लेकिन अब हालात बदल गए हैं।

    अगर पिच ने साथ दिया, तो आज भी रन बरस सकते हैं। इस टूर्नामेंट में नई पिच बल्लेबाजों के लिए ज्यादा अनुकूल नजर आई है। ग्रुप स्टेज में 170 से ज्यादा रन के लक्ष्य आसानी से हासिल किए गए। इसका मतलब है कि अब यहां हाई स्कोरिंग मैच देखने को मिल सकते हैं। 

    भारत के सामने साफ लक्ष्य: बड़ी जीत

    टीम इंडिया को सिर्फ जीत नहीं, बल्कि बड़ी जीत चाहिए। बल्लेबाजों को तेज शुरुआत देनी होगी और बीच के ओवरों में रन गति बनाए रखनी होगी। गेंदबाजों को पावरप्ले में विकेट निकालकर दबाव बनाना होगा।

    जिम्बाब्वे को हल्के में लेना बड़ी गलती हो सकती है। टी20 क्रिकेट में एक अच्छी साझेदारी या कुछ बड़े शॉट मैच का रुख बदल सकते हैं।

    मैच से होगी सेमीफाइनल की राह तय

    यह मुकाबला तय करेगा कि भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदें जिंदा रहेंगी या मुश्किल में पड़ जाएंगी। मौसम फिलहाल साथ देता दिख रहा है, लेकिन असली परीक्षा मैदान पर होगी। अब सबकी नजरें चेपॉक पर टिकी है। 

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

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