नागौर। राजस्थान के नागौर जिले के गोटन कस्बे में एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। गोटन इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ने वाली दिव्या (9 साल) अचानक स्कूल में खेलने के दौरान बेहोश होकर गिर गई। वो कक्षा पांचवी की छात्रा थी। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के आधार पर उसकी मौत कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) से होने की संभावना जताई है।
दिव्या के अचानक निधन ने न केवल परिवार बल्कि पूरे समुदाय को हिला दिया है। करीब चार महीने पहले ही दिव्या के बड़े भाई अभिषेक (16 साल) की भी अचानक मौत हो गई थी।
गोटन उपखंड क्षेत्र के टालनपुर कस्बे निवासी राजेंद्र बापेडिया की 9 वर्षीय बेटी दिव्या रोज की तरह सुबह 7 बजे स्कूल पहुंची थी। स्कूल में प्रार्थना सभा शुरू होने से पहले बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान दिव्या अचानक खेलते-खेलते गिर गई और बेहोश हो गई। स्कूल स्टाफ ने तुरंत उसे संभाला और आनन-फानन में गोटन राजकीय चिकित्सालय ले जाया गया। जहां डॉक्टर सुखराम बेरवाल ने प्राथमिक जांच के बाद छात्रा को मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर का कहना है कि, शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट नहीं थी। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट माना जा रहा है। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद शव को परिवार को सौंप दिया गया।
स्कूल के CCTV कैमरे में घटना स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि, दिव्या खेलते समय अचानक पीछे की ओर गिर गई। स्कूल स्टाफ तुरंत भागा और दिव्या को उठाया। स्कूल निदेशक रामकुंवर ओला ने कहा कि, घटना की सूचना तुरंत परिवार को दी गई और वे अस्पताल पहुंचे।
दिव्या के परिवार ने पहले ही अपने बड़े बेटे को खो दिया था। चार महीने पहले दिव्या के भाई अभिषेक की भी अचानक मौत हो गई थी। उस समय भी डॉक्टर ने हार्ट अटैक को संभावित कारण बताया था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि, दिव्या स्वस्थ और चंचल बच्ची थी। उसे किसी तरह की कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। हमारा घर अब सूना हो गया है। चार महीने में दो बच्चों को खोना किसी भी माता-पिता के लिए सबसे बड़ा दुःख है।
पेडियाट्रिक कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ के अनुसार, बच्चों में कार्डियक अरेस्ट के कुछ संभावित कारण हैं-
जन्म से ही दिल की समस्या - बच्चे के जन्म से ही दिल या उसकी धमनियों में कुछ गड़बड़ी हो सकती है, जिससे हार्ट की धड़कन सही से काम नहीं करती।
हार्ट में इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी - दिल की पंपिंग को नियंत्रित करने वाली बिजली जैसी प्रणाली में दिक्कत होने से अचानक धड़कन रुक सकती है।
अचानक शारीरिक तनाव- अचानक कड़ी मेहनत या खेल-कूद करने से दिल पर दबाव बढ़ सकता है और समस्या पैदा हो सकती है।
हार्ट अटैक की पहचान करना मुश्किल हो सकता है, खासकर बच्चों में। सामान्य लक्षण हैं:
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों और युवाओं के दिल की सुरक्षा के लिए ये उपाय करें-
कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों का कहना है कि, बच्चों में कार्डियक अरेस्ट दुर्लभ तो है, लेकिन पूरी तरह असंभव नहीं है। उन्होंने माता-पिता और स्कूल प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों को नियमित रूप से हेल्थ चेकअप कराना चाहिए और यदि किसी बच्चे को अचानक थकान, चक्कर या किसी प्रकार का दर्द महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। इसके अलावा स्कूलों में इमरजेंसी मेडिकल सपोर्ट की व्यवस्था और CPR प्रशिक्षण होना भी अत्यंत आवश्यक है, ताकि ऐसी अप्रत्याशित परिस्थितियों में तुरंत बचाव किया जा सके।
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