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गर्भगृह में लगेगी मंडला के मार्बल से बनी चरण पादुका

अयोध्या के राम मंदिर के लिए ओनेक्स मार्बल से बनाई कमल के फूल पर 12 बाय 12 इंच की आकृति
गर्भगृह में लगेगी मंडला के मार्बल से बनी चरण पादुका

अयोध्या से मयंक तिवारी। श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बीच महाकोशल के लिए एक खुशी की खबर है। मंडला का जो ओनेक्स मार्बल नव निर्मित मंदिर के गर्भगृह में लगाया गया है उसी मार्बल से बनी 1 फीट बाई 1 फीट की चरण पादुका को भी गर्भगृह में राम भक्तों के लिए स्थापित किया जा सकता है। मृदुकिशोर इंडस्ट्री के संचालक किशोर कल्पिवार ने बताया कि उनके द्वारा कमल के फूल पर प्रभु राम के चरण की आकृति बनाकर अयोध्या भेजी गई है। इसे एलएंडटी कंपनी के द्वारा मंदिर समिति के सामने रखा गया है।

चूंकि प्रभु के चरणों का पूजन होता है, लिहाजा प्रस्ताव रखा गया है कि इन्हें गर्भगृह में रखा जाए। इसकी आधिकारिक घोषणा होना ही बाकी है। वहीं मंदिर में लगाए जाने वाले पत्थर का कई स्तरों पर परीक्षण किया गया था। उसके बाद श्रीराम मंदिर निर्माण में लगे टाटा एवं एलएंडटी ग्रुप ने गर्भगृह के लिए मरून और गोल्डन मार्बल का चयन किया था।

101 भक्तों के लिए 3 इंच की पादुका

कल्पिवार ने बताया कि वे चरण भक्तों के लिए फिलहाल 101 तीन बाय 3 इंच की हूबहू गर्भग्रह में लगाई जाने वाली चरण पादुका जैसी पादुका बना रहे हैं।

उभर आई हनुमानजी की छवि

मिली जानकारी के अनुसार गर्भगृह में लगने वाले मंडला के पत्थर की पॉलिश की गई तो उसमें हनुमानजी की छवि उभर आई। इसे कार्य करने वाले सौभाग्य ही मान रहे हैं कि पत्थर में प्रभु हनुमान की छवि दिख रही है।

अब तक 100 टन पहुंच चुका पत्थर

मिली जानकारी के अनुसार मंडला से ही अभी तक 100 टन पत्थर मंदिर निर्माण के लिए पहुंचाया जा चुका है। इन पत्थरों को वॉटर जेट तकनीक से कटिंग करने दिल्ली और मकराना भेजा गया जहां से डिजाइन के अनुसार काट कर मंदिर के लगाने भेजा गया।

इसलिए खास है ये पत्थर

ओनेक्स मार्बल सामान्य मार्बल से कई गुना हार्ड होता है जिससे इसकी लंबे समय तक चलने की गारंटी होती है। ये नॉन पोरस (बैक्टीरिया फ्री) होता है, जिसके कारण पत्थर कभी खोखला नहीं होता। इसे पत्थरों का स्फटिक भी कहा जाता है। इस पत्थर पर मौसम का भी असर नहीं होता है। कल्पिवार ने बताया ट्रस्ट के एक अनुमान के मुताबिक मंदिर में दर्शन के लिए एक दिन में 4 से 5 लाख लोग आएंगे। इतने लोगों के आने-जाने की वजह से मंदिर में कम मेंटेनेंस और उच्च गुणवत्ता के मार्बल की आवश्यकता थी, जो इसी पत्थर में है।

People's Reporter
By People's Reporter

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