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सीसीआई ने महाराष्ट्र में यूरिया के साथ अन्य उत्पाद बेचने का दबाव बनाने के लिए आरसीएफ के खिलाफ दिया जांच का आदेश

निष्पक्ष व्यापार नियामक ने कहा यह आचरण प्रतिस्पर्धा अधिनियम के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन
सीसीआई ने महाराष्ट्र में यूरिया के साथ अन्य उत्पाद बेचने का दबाव बनाने के लिए आरसीएफ के खिलाफ दिया जांच का आदेश

नई दिल्ली। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने महाराष्ट्र में उर्वरक डीलरों और किसानों को यूरिया के साथ अपने अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर करने की शिकायत मिलने के बाद सरकारी कंपनी राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स के खिलाफ जांच करने का आदेश दिया है। एक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए निष्पक्ष व्यापार नियामक ने कहा आरसीएफ का यह आचरण प्रतिस्पर्धा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करता दिखाई देता है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने जांच शाखा, महानिदेशक को इस मामले की जांच करने और 60 दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। बता दें कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरसीएफ, डीलरों और किसानों को यूरिया के साथ-साथ जल में घुलनशील उर्वरक जैसे गैर-सब्सिडी वाले उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर कर रही है।

अन्य उत्पाद खरीदने को मजबूर नहीं कर सकती कंपनी

सीसीआई ने कहा यूरिया का अधिकतम खुदरा मूल्य सरकार द्वारा निर्धारित किया जाता है और इस पर भारी सब्सिडी भी दी जाती है क्योंकि यह किसानों के लिए आवश्यक इनपुट है। शिकायतकर्ता ने सरकारी विभागों और डीलर संघों के पत्र, मीडिया रिपोर्ट्स और जबरन बिक्री दिखाने वाली वीडियो रिकॉर्डिंग सहित कई सबूत पेश किए हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा इस प्रथा के खिलाफ बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद, पूरे महाराष्ट्र में किसानों को अनेक गैर जरूरी उत्पाद खरीदने पर मजबूर किया जाता है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने पाया कि 2023-24 में राज्य में यूरिया आपूर्ति में आरसीएफ की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत से अधिक रही है, जो उसके निकटतम प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले काफी अधिक है।

राज्य में यूरिया आपूर्ति में आरसीएफ का हिस्सा 42 फीसदी

आयोग ने कहा कि आरसीएफ की महाराष्ट्र में यूरिया की आपूर्ति के प्रभुत्व की स्थिति है। ऐसा प्रतीत होता है कि कंपनी अन्य उत्पादों की बिक्री को यूरिया जैसे जरूरी उर्वरक के साथ जोड़कर, उन्हें बाजार में स्थापित करने का प्रयास कर रही है। अधिनियम के तहत, किसी प्रभावशाली संस्था द्वारा इस तरह स्थितिजन्य लाभ उठाना गलत है, क्योंकि यह बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा में बाधा डालता है। नियामक ने आगे कहा कि इस संदर्भ में, आयोग का प्रथम दृष्टया यह विचार है कि अधिनियम की धारा 4(2)(ई) का उल्लंघन प्रतीत होता है। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के अधीन, आरसीएफ महाराष्ट्र के ट्रॉम्बे और थल में अपनी इकाइयां संचालित करता है। यह यूरिया, जटिल उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व और औद्योगिक रसायन का उत्पादन करता है।

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