शाहिद खान। भोपाल में सड़क निर्माण को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। डीआईजी बंगला से जेपी नगर होते हुए छोला गणेश मंदिर मार्ग पर बनाई जा रही सीसी सड़क में गंभीर लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि दो महीने पहले बनी डामर सड़क को हटाए बिना ही उसके ऊपर सीधे कंक्रीट डाला जा रहा है।

तकनीकी नियमों के अनुसार, व्हाइट टॉपिंग के तहत सीसी सड़क बनाने से पहले पुरानी डामर परत को मिलिंग मशीन से हटाना जरूरी होता है। इससे नई कंक्रीट परत मजबूत पकड़ बना पाती है। लेकिन इस सड़क पर यह प्रक्रिया अपनाए बिना ही सीमेंट-कंक्रीट डाला जा रहा है, जिससे सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

जानकारों का कहना है कि बिना मिलिंग के बनाई गई सीसी सड़क ज्यादा समय तक टिकाऊ नहीं रहती। पूर्व नगर निगम इंजीनियर रफीक अहमद के मुताबिक, इस तरह बनाई गई सड़क कुछ समय बाद उखड़ सकती है या उसमें दरारें आ सकती हैं। ऐसे में 20-25 साल तक टिकाऊ होने का दावा भी कमजोर पड़ जाता है।
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रिटायर्ड चीफ इंजीनियर बी.पी. पटेल ने भी इस तरीके को गलत बताया है। उनके अनुसार डामर सड़क फ्लेक्सिबल होती है, जबकि सीसी सड़क कठोर होती है।
व्हाइट टॉपिंग एक आधुनिक तकनीक है, जिसमें
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इस मामले में पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर संजय मस्के का कहना है कि सड़क निर्माण तय मानकों के अनुसार किया जा रहा है। जहां भी शिकायत मिलती है, वहां जांच कर सुधार के निर्देश दिए जाते हैं।