इंदौर के सिमरोल क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक कार अचानक आग का गोला बन गई और उसमें फंसे साढ़े तीन साल के मासूम चिराग की जिंदा जलकर मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब पिता अपनी कार से दोस्त की मदद करने पहुंचे थे और मासूम जिद कर उनके साथ आ गया था।
पुलिस के अनुसार रालामंडल निवासी संजय बहेडिया शनिवार सुबह अपने मित्र मनीष की खराब डीजे गाड़ी ठीक कराने सिमरोल पहुंचे थे। तेज धूप के कारण उन्होंने बेटे चिराग को कार में बैठा दिया और खिड़कियां खोलकर बाहर काम में लग गए। करीब आधे घंटे बाद अचानक कार से धुआं और फिर लपटें उठने लगीं। शोर सुनकर पिता दौड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
दरवाजे हुए लॉक, पिता की आंखों के सामने तड़पता रहा बेटा
संजय और उनके दोस्त ने कार के दरवाजे खोलने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी पूरी तरह लॉक हो चुकी थी। कांच तोड़ा गया, लेकिन तब तक आग भड़क चुकी थी। पानी और फायर एक्सटिंग्यूशर से आग बुझाई गई, मगर मासूम को नहीं बचाया जा सका। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चा 100 प्रतिशत तक जल चुका था।
आगे बैठा था मासूम, शव मिला पीछे… आग से बचने की आखिरी कोशिश
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चिराग आगे की सीट पर बैठा था, लेकिन उसका शव पिछली सीट पर मिला। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आग डैशबोर्ड से शुरू हुई और मासूम ने जान बचाने के लिए पीछे भागने की कोशिश की, लेकिन लॉक दरवाजों ने उसे मौत के जाल में कैद कर लिया।
जांच जारी, कारण अब तक साफ नहीं
थाना प्रभारी के मुताबिक आग लगने का असली कारण अभी स्पष्ट नहीं है। एफएसएल टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और तकनीकी जांच की जा रही है।