CAPF जवानों के लिए बड़ी राहत :एम्स दिल्ली में इलाज के दौरान अब नहीं होगी परेशानी, 24 घंटे मदद करेगी विशेष टीम

देशभर में तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) के लाखों जवानों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब अगर किसी जवान या उसके परिजन को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज कराना होगा, तो उन्हें पहले की तरह लंबी प्रक्रियाओं और व्यवस्थागत परेशानियों से अकेले नहीं जूझना पड़ेगा। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने इसके लिए एक विशेष सहायता टीम का गठन किया है, जो एम्स में इलाज से जुड़ी हर जरूरत में जवानों की मदद करेगी। यह नई व्यवस्था उन परिस्थितियों को ध्यान में रखकर शुरू की गई है, जब ड्यूटी के दौरान घायल हुए जवानों या उनके परिवार के सदस्यों को बड़े अस्पताल में इलाज के लिए कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सीआरपीएफ का कहना है कि अब ऐसी स्थिति में जवानों को बेहतर समन्वय और तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
एम्स में इलाज को लेकर अक्सर आती हैं दिक्कतें
दिल्ली का एम्स देश के सबसे प्रतिष्ठित अस्पतालों में गिना जाता है। यहां इलाज के लिए देशभर से मरीज पहुंचते हैं। यही वजह है कि ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने से लेकर सर्जरी की तारीख मिलने तक कई बार लंबा इंतजार करना पड़ता है। सीएपीएफ के जवानों को भी इसी तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। विशेष रूप से तब, जब किसी जवान को अचानक गंभीर इलाज की जरूरत हो या उसके परिवार के किसी सदस्य को तत्काल चिकित्सा सहायता चाहिए हो। ऐसे मामलों में अस्पताल की प्रक्रिया और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
सीआरपीएफ ने बनाई विशेष सहायता टीम
इन समस्याओं को देखते हुए सीआरपीएफ महानिदेशक कार्यालय ने एम्स दिल्ली में एक समर्पित सहायता तंत्र तैयार किया है। इस टीम की जिम्मेदारी होगी कि वह सीएपीएफ कर्मियों और उनके परिवारों को अस्पताल में इलाज से जुड़ी प्रक्रियाओं में हर संभव सहयोग प्रदान करे। अधिकारियों के अनुसार यह टीम सिर्फ सामान्य ओपीडी सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इमरजेंसी स्थितियों में भर्ती और अन्य जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में भी सक्रिय भूमिका निभाएगी। किसी भी जवान को यदि एम्स में इलाज से संबंधित मदद चाहिए होगी तो वह सीधे इस टीम से संपर्क कर सकेगा।
24 घंटे उपलब्ध रहेगी सुविधा
सीआरपीएफ द्वारा गठित इस टीम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजू सिंह और डॉ. अशरफ खान के अलावा हवलदार अरुण कुमार यादव, योगेश पाटिल, महेश, मिथिलेश शुक्ल, सिपाही राकेश कुमार और आशीष चतुर्वेदी को शामिल किया गया है। यह टीम चौबीसों घंटे सेवाएं देगी, ताकि किसी भी समय चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ने पर जवानों को तत्काल मदद मिल सके। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आपातकालीन परिस्थितियों में भी टीम सक्रिय रूप से सहयोग करेगी और आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करेगी।
सभी यूनिटों तक पहुंचाई गई जानकारी
सीआरपीएफ मुख्यालय ने इस व्यवस्था की जानकारी अन्य केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को भी भेज दी है। साथ ही टीम के संपर्क नंबर सभी यूनिटों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि रोल कॉल और सैनिक सम्मेलनों के माध्यम से जवानों को इस सुविधा के बारे में विस्तार से बताया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर वे तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।
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लाखों जवानों और परिवारों को मिलेगा फायदा
देशभर में सीएपीएफ के करीब 11 लाख जवान अलग अलग इलाकों में तैनात हैं। इनके साथ उनके परिवार भी इस नई व्यवस्था का लाभ उठा सकेंगे। सुरक्षा बलों से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि इससे जवानों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने में मदद मिलेगी और इलाज के दौरान आने वाली प्रशासनिक परेशानियां काफी हद तक कम हो जाएंगी।












