Aakash Waghmare
19 Jan 2026
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न से बचने आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोग अब बिना पासपोर्ट या वीज़ा के भी भारत में रह सकेंगे। यह छूट 31 दिसंबर 2024 तक के लिए दी गई है।
पिछले साल लागू हुए नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 के मुताबिक, 31 दिसंबर 2014 या उससे पहले भारत आए ऐसे शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी जाएगी।
लेकिन ,हाल ही में लागू हुए आव्रजन एवं विदेशी (नागरिक) अधिनियम, 2025 के तहत सरकार ने 2014 के बाद आए लोगों को भी अस्थायी राहत दी है। इससे बड़ी संख्या में खासकर पाकिस्तान से आए हिंदू परिवारों को राहत मिलेगी, जो अपने भविष्य को लेकर परेशान थे।
गृह मंत्रालय ने आदेश में कहा कि अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए अल्पसंख्यक लोग, जो धार्मिक उत्पीड़न या उसके डर से भारत आए हैं। और जो 31 दिसंबर 2024 तक बिना पासपोर्ट या वीज़ा भारत में प्रवेश कर चुके हैं। उन्हें पासपोर्ट और वीज़ा रखने की शर्त से छूट दी जाएगी।