जीएसटी काउंसिल का बड़ा फैसला, अब नहीं होगी गिरफ्तारी; रिफंड की समय सीमा भी घटाई

बैठक में अभियोजन की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने को मंजूरी दी गई है। सामान्य जुर्माने को 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये किया गया है, जबकि छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए रजिस्ट्रेशन और कारोबारियों के लिए अनुपालन की प्रक्रिया आसान बनाने का फैसला लिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक, ये सुधार अगले वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे। बैठक में किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस पर GST की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
टैक्स अधिकारियों का गिरफ्तारी अधिकार खत्म
GST काउंसिल की 57वीं बैठक में GST टैक्स अधिकारियों के पास मौजूद गिरफ्तारी करने के अधिकार को समाप्त करने को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही अभियोजन की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। अभियोजन की सीमा वह लिमिट होती है, जिसके तहत किसी अपराध या मामले में अदालत द्वारा संज्ञान लिया जाना आवश्यक होता है। इस फैसले के बाद टैक्स से जुड़े मामलों में कार्रवाई की सीमा को लेकर भी बदलाव किया गया है।
ये भी पढ़ें: IMC में PM मोदी का फोकस 6G और AI पर, साइबर फ्रॉड के खिलाफ ग्लोबल फ्रेमवर्क पर जोर
सामान्य जुर्माना 25 हजार से घटकर 10 हजार
काउंसिल ने जहां कोई खास दंड तय नहीं है, वहां लागू होने वाले सामान्य जुर्माने को 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये करने को मंजूरी दी है। टैक्सपेयर्स जो रिटर्न देर से दाखिल करते हैं, गलतियां करते हैं या भुगतान में देरी करते हैं, उन्हें टैक्स रिफंड, ब्याज और आनुपातिक दंड का सामना करना पड़ेगा। ऐसी चूक के लिए कोई अतिरिक्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
GST रिफंड की समय सीमा 15 से घटकर 10 दिन
जीएसटी काउंसिल ने टैक्स रिफंड के दावों को स्वीकार करने की समय सीमा 15 दिन से घटाकर 10 दिन कर दी है। अगर इस अवधि के भीतर कोई अप्रूवल या कमी संबंधी जानकारी नहीं दी जाती है, तो दावों को अप्रूव मान लिया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य टैक्स रिफंड की प्रक्रिया में तेजी लाना है।
MDR पर बैठक में नहीं हुई कोई चर्चा
जीएसटी काउंसिल की बैठक में किसी भी प्रोडक्ट या सर्विस पर टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है। जिन उत्पादों पर पहले जितना टैक्स लागू था, उतना ही अब भी GST लागू रहेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बैठक में MDR को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई, जबकि इससे पहले UPI पर MDR को होल्ड करने की चर्चा चल रही थी।
छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए नियम आसान
काउंसिल ने छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए GST रजिस्ट्रेशन को सरल बनाने और व्यवसायों के लिए अनुपालन आवश्यकताओं को आसान बनाने को भी मंजूरी दी है। साथ ही GST Rates से संबंधित मामलों पर साल में एक बार टैक्स रेट्स के लिए समर्पित बैठक में विचार किया जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि गुरुवार को घोषित सुधार अगले वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे।




















