Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Google Pay-PhonePe के लिए बड़ा बदलाव! UPI पर आ सकता है MDR, छोटे दुकानदारों का क्या होगा हाल

UPI पर MDR यानी Merchant Discount Rate लगाने की चर्चा फिर तेज हो गई है। संभावित मॉडल में छोटे दुकानदारों को पूरी छूट और बड़े कारोबारियों पर मामूली चार्ज लगाने की बात है। जानें इससे आम UPI यूजर्स, दुकानदारों और PhonePe-Google Pay जैसी कंपनियों पर क्या असर पड़ सकता है।
Follow on Google News
Google Pay-PhonePe के लिए बड़ा बदलाव! UPI पर आ सकता है MDR, छोटे दुकानदारों का क्या होगा हाल
UPI पर MDR यानी Merchant Discount Rate लगाने की चर्चा फिर तेज हो गई है।

भारत में UPI से पेमेंट करना लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि UPI से पैसे भेजने पर आम तौर पर ग्राहकों से कोई अलग चार्ज नहीं लिया जाता। इसे Zero MDR व्यवस्था कहा जाता है। लेकिन UPI का इस्तेमाल बढ़ने के साथ इसे चलाने वाली कंपनियों का खर्च भी बढ़ रहा है। ऐसे में अब UPI पर MDR यानी Merchant Discount Rate लगाने की चर्चा फिर तेज हो गई है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर बार UPI से पेमेंट करने पर आम लोगों से पैसे लिए जाएंगे। एक संभावित मॉडल में छोटे दुकानदारों को पूरी तरह चार्ज से बाहर रखा जा सकता है। अब इसमें क्या बदलाव हुए हैं, आइए जानतें हैं।

RBI के पुराने नियम से मिल सकता है आइडिया

सूत्रों के मुताबिक, UPI के लिए MDR का कोई नया मॉडल बनाने में RBI के 2017 के डेबिट कार्ड नियम को आधार बनाया जा सकता है। इस नियम में दुकानदार ग्राहकों से डेबिट कार्ड की फीस सीधे नहीं वसूल सकते। साथ ही छोटे कारोबारियों के लिए MDR की सीमा भी काफी कम रखी गई है। इसी तरह का मॉडल अगर UPI पर लागू किया जाता है, तो आम लोगों और छोटे दुकानदारों पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना सिस्टम के लिए कमाई का रास्ता बनाया जा सकता है।

छोटे दुकानदारों को मिल सकती है पूरी छूट

प्रस्तावित मॉडल में छोटे दुकानदारों को MDR से पूरी तरह बाहर रखने की बात है। मसलन, छोटी किराना दुकान, सब्जी वाला, चाय की दुकान या रेहड़ी-पटरी वाले कारोबारी से UPI पेमेंट पर कोई MDR नहीं लिया जाए। इससे छोटे कारोबारियों और आम ग्राहकों पर अतिरिक्त खर्च का असर नहीं पड़ेगा।

ये भी पढ़ें: FSSAI का बड़ा एक्शन! नेस्ले से रेड बुल तक 150+ नोटिस, 'हेल्दी' और '100%' दावों पर शिकंजा

बड़े दुकानदारों से लिया जा सकता है मामूली चार्ज

वहीं बड़े शोरूम, मॉल, ई-कॉमर्स कंपनियों और बड़े संगठित कारोबारियों के लिए मामूली MDR तय किया जा सकता है। इस मॉडल के पीछे तर्क यह है कि बड़े कारोबारी इस तरह की छोटी फीस का खर्च उठा सकते हैं, जबकि छोटे दुकानदारों पर इसका असर ज्यादा पड़ सकता है। यानी UPI पर चार्ज लगाने की स्थिति में भी हर कारोबारी के लिए एक जैसा नियम रखने के बजाय कारोबार के आकार के हिसाब से व्यवस्था बनाई जा सकती है।

आम लोगों के लिए क्या बदलेगा?

अगर ऐसा मॉडल लागू होता है, तो एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में पैसे भेजना पहले की तरह फ्री रखने की कोशिश की जा सकती है। यानी किसी दोस्त या परिवार के सदस्य को UPI से पैसे भेजने पर आम ग्राहक से सीधे चार्ज लेने की व्यवस्था नहीं होगी। फोकस मुख्य रूप से बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मामूली MDR लगाने पर हो सकता है।

PhonePe और Google Pay जैसी कंपनियों को फायदा

Zero MDR व्यवस्था की वजह से UPI पेमेंट की लागत का एक बड़ा हिस्सा सिस्टम में शामिल कंपनियों को उठाना पड़ता है। ऐसे में MDR से मिलने वाली रकम उनके लिए कमाई का एक जरिया बन सकती है। इस पैसे का इस्तेमाल पेमेंट सिस्टम के सर्वर, तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में किया जा सकता है।

ये भी पढ़ें: A20 Pro से सैटेलाइट 5G तक, iPhone 18 Pro में हुए ये बड़े बदलाव, कीमत भी बढ़ने की चर्चा, खरीदने से पहले जान लें पूरी डिटेल

सरकार पर भी कम हो सकता है बोझ

अभी सरकार UPI सिस्टम को बढ़ावा देने और कंपनियों के खर्च की भरपाई के लिए इंसेंटिव देती है अगर UPI के लिए कोई टिकाऊ MDR मॉडल बनता है, तो भविष्य में इस तरह के सरकारी इंसेंटिव पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अभी यह सिर्फ एक प्रस्तावित मॉडल और चर्चा का विषय है। UPI पर MDR लागू करने को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...Read More

Latest Posts