कुबेरेश्वरधाम में तीन क्विंटल फूलों से सजेगा बाबा का दरबार, 600 नलों से जल भरेंगे कांवड़िए, 42 घंटे रहेगा नो-व्हीकल जोन
सीहोर। सावन अपने अंतिम पड़ाव पर है, लेकिन शिवभक्ति का उत्साह अब चरम पर पहुंच रहा है। सीहोर की सीवन नदी से लेकर कुबेरेश्वरधाम तक इन दिनों हर कदम पर आस्था दिखाई दे रही है। कोई सिर पर कांवड़ रखे पवित्र जल लेकर आगे बढ़ रहा है तो कोई सेवा शिविर में श्रद्धालुओं के लिए पानी और भोजन जुटा रहा है। बारिश और धूप की परवाह किए बिना कांवड़ियों का कारवां लगातार कुबेरेश्वरधाम की ओर बढ़ रहा है। 24 व 25 अगस्त को निकलने वाली भव्य कांवड़ यात्रा को लेकर शहर से धाम तक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।
अंतिम सोमवार को तीन क्विंटल फूलों से सजेगा बाबा का दरबार
सावन के अंतिम सोमवार 24 अगस्त को कुबेरेश्वरधाम में भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा के अनुसार बाबा के श्रृंगार में तीन क्विंटल से अधिक फूलों का उपयोग किया जाएगा। फूलों की खुशबू और शिवभक्ति से धाम का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठेगा। मुरली मनोहर मंदिर में विराजमान भगवान शिव-पार्वती, भगवान राम-माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण-राधा की प्रतिमाओं का भी विशेष श्रृंगार किया जाएगा। शाम को भव्य आरती श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगी।

25 अगस्त को निकलेगी भव्य कांवड़ यात्रा
सावन के अंतिम सोमवार के अगले दिन 25 अगस्त को सीवन नदी के पवित्र तट से कुबेरेश्वरधाम तक भव्य कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में होने वाली इस यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। करीब 11 किलोमीटर के यात्रा मार्ग पर इस समय कांवड़ियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है और पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव तथा बम-बम भोले के जयकारों से गूंज रहा है।
सीवन नदी पर 600 नलों से होगी जलभराई
कांवड़ियों की सुविधा के लिए सीवन नदी के महिला घाट से लेकर ब्रिज और कोलीपुरा तिराहे तक करीब 600 नल लगाए गए हैं। नगर पालिका की ओर से पानी की आपूर्ति के लिए चार लाइन बिछाई गई हैं और चार मोटर पंप लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को कम समय में सुगमता से पवित्र जल उपलब्ध कराना है। नदी तट पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए व्यवस्था को लगातार व्यवस्थित किया जा रहा है।
42 घंटे तक नदी चौराहा रहेगा नो-व्हीकल जोन
कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु आवागमन के लिए नदी चौराहा क्षेत्र में 24 अगस्त की सुबह से 25 अगस्त की रात 12 बजे तक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। बस स्टैंड, तहसील चौराहा, इंदौर नाका, कोलीपुरा तिराहा और ऋषि सुपर बाजार की ओर से आने वाले वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य भीड़ वाले क्षेत्र को वाहनों से मुक्त रखकर पैदल कांवड़ियों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना है।
बाहर से आने वाले वाहनों के लिए तीन बड़े पार्किंग स्थल
इंदौर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए क्रिसेंट चौराहे के पास अलहदाखेड़ी स्टेडियम और आरटीओ कार्यालय के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है। भोपाल की ओर से आने वाले वाहन पीजी कॉलेज ग्राउंड में खड़े किए जा सकेंगे। वहीं श्यामपुर मार्ग से सीहोर आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए बीएसआई ग्राउंड निर्धारित किया गया है। पार्किंग स्थलों से श्रद्धालु आगे पैदल यात्रा कर नदी चौराहा पहुंच सकेंगे।
100 से अधिक सेवा स्टॉल बनेंगे श्रद्धालुओं का सहारा
कांवड़ यात्रा मार्ग पर 100 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां श्रद्धालुओं को पेयजल, केले, चाय-नाश्ता, फलाहारी खिचड़ी और भोजन प्रसादी सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक भी सेवा कार्य में भाग लेंगे। कांवड़ियों की थकान मिटाने और उनकी यात्रा को सुगम बनाने के लिए जगह-जगह सेवा भाव दिखाई देगा।

दो हजार से ज्यादा सेवादार संभालेंगे भोजन और व्यवस्था
कुबेरेश्वरधाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था में सहयोग करने देशभर से सेवादार पहुंचने लगे हैं। करीब दो हजार से अधिक सेवादार भोजनशाला सहित अलग-अलग सेवा कार्यों में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। अखंड हिंद फौज के सैकड़ों स्वयंसेवक भी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के आवागमन और व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे। सेवा में जुटे लोगों के लिए यह केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि शिवभक्तों की सेवा का अवसर है।
भजन, झांकियां और बैंड-बाजे बढ़ाएंगे यात्रा की भव्यता
इस बार कांवड़ यात्रा को और भव्य बनाने के लिए देशभर से प्रसिद्ध भजन गायकों को आमंत्रित किया गया है। यात्रा के दौरान शिव भजनों की प्रस्तुतियां होंगी। इसके अलावा धार्मिक झांकियां, बैंड-बाजे और अन्य आकर्षण भी श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाएंगे। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ेगी, भक्ति संगीत और शिव जयकारों से वातावरण पूरी तरह शिवमय होने की उम्मीद है।
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पांच मेडिकल पॉइंट पर मिलेगी तत्काल स्वास्थ्य सुविधा
श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए यात्रा मार्ग पर पांच प्रमुख मेडिकल प्वाइंट बनाए गए हैं। मानक बाग, डीमार्ट, चौपाल सागर, परमार ढाबा और मोगराफूल जोड़ पर स्वास्थ्य दल तैनात रहेंगे। इसके अलावा कुबेरेश्वरधाम परिसर में वेटिंग एरिया डोम, भगवान शंकर मंदिर, कंकर शंकर पूजा स्थल और पं. रमेश्वर मिश्रा अस्पताल सहित अन्य स्थानों पर मेडिकल व्यवस्था रहेगी। पीएचसी गुड़भेला-नापलाखेड़ी जोड़ और एसएचसी चितोड़िया हेमा को भी स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ा गया है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर प्रशासन की विशेष नजर
लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस, प्रशासन और नगर पालिका ने यातायात, पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा और सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया है। यात्रा के दौरान प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती रहेगी। प्रशासन द्वारा भीड़ के दबाव वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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