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आर्यन खान को हर हफ्ते नहीं लगानी होगी NCB में हाजिरी, लेकिन SIT के बुलावे पर जाना पड़ेगा दिल्ली; कोर्ट ने सुनाया ये फैसला

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ड्रग्स केस में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को बॉम्बे हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अब आर्यन को NCB के ऑफिस में हर शुक्रवार हाजिरी देने के लिए नहीं जाना होगा। आर्यन ने इस संबंध में कोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। हालांकि जब कभी SIT दिल्ली उन्हें समन करेगी, तब उन्हें टीम के सामने 72 घंटे के अंदर पूछताछ के लिए आना पड़ेगा।

कोर्ट ने आर्यन को दी छूट

आर्थर रोड जेल में लगभग 26 दिन बिताने के बाद, आर्यन को बॉम्बे हाई कोर्ट ने 28 अक्टूबर को जमानत दे दी और 30 अक्टूबर को उनकी रिहाई हुई। आर्यन को जमानत देते हुए कोर्ट ने 14 शर्तें लगाईं, जिनमें से एक शर्त के रूप में हर शुक्रवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच एनसीबी कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। हालांकि आर्यन के द्वारा लगाई गई याचिका पर बुधवार दोपहर को बॉम्बे हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसका फैसला आर्यन के पक्ष में आया। [embed]https://twitter.com/ANI/status/1471042101492125697[/embed]

आर्यन की याचिका में दी गई ये दलील

शाहरुख खान की दोस्त और एक्ट्रेस जूही चावला आर्यन खान की जमानती बनी थीं। आर्यन की याचिका में कहा गया था कि उन्हें इस शर्त (हर शुक्रवार को हाजिरी) में छूट दी जा सकती है, क्योंकि क्रूज शिप ड्रग केस NCB दिल्ली ने SIT को सौंप दिया है। ये भी पढ़ें- अंकिता लोखंडे ने शादी की तस्वीरें कीं शेयर, लिखा- अब हम ऑफिशियली मिस्टर एंड मिसेज जैन हैं; यहां देखें हल्दी-मेहंदी से फेरों तक का Wedding Album

अदालत ने रखीं थीं कई शर्तें

  • आर्यन अदालत की इजाजत के बिना देश छोड़कर नहीं जा सकते हैं।
  • शाहरुख खान के बेटे को NDPS कोर्ट में अपना पासपोर्ट जमा करना होगा।
  • इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर की अनुमति के बिना मुंबई नहीं छोड़ सकते।
  • मामले की जांच अभी चल रही है इसलिए वह केस से जुड़े गवाहों से कोई बात नहीं कर सकते। वह गवाहों को या जांच को प्रभावित नहीं करेंगे।
  • मामले के दूसरे आरोपियों या व्यक्ति से संपर्क या बातचीत नहीं करेंगे।
  • इस केस को लेकर मीडिया या सोशल मीडिया में कोई बयान नहीं देना है।
  • केस की तय तारीखों पर अदालत में मौजूद होना होगा।
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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