
भोपाल/ कटनी। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक के बाद एक बीजेपी के ही नेता उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल खड़े करते हुए अलग-अलग आरोप लगा रहे हैं। हालिया मामला वीडी के लोकसभा क्षेत्र खजुराहो में आने वाली विधानसभा सीट विजयराघवगढ़ का है। वहां से पूर्व विधायक और कटनी विकास प्राधिकरण के पूर्व चेयरमेन ध्रुव प्रताप सिंह ने वीडी शर्मा के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। कटनी बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष भी रह चुके ध्रुव प्रताप के मुताबिक वीडी शर्मा वरिष्ठ नेताओ को लगातार इग्नोर करते हैं। यहां तक कि सांसद और पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद वीडी शर्मा ने उनसे एक बार भी मिलना ठीक नहीं समझा, जबकि वे लंबे समय से पार्टी की सेवा कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह तक कह दिया कि पार्टी के लिए खून पसीना एक कर देने वाले हम जैसे कार्यकर्ताओं को वीडी शर्मा पहचानते तक नहीं हैं।
बगावती तेवरों के साथ कांग्रेस जाने की तैयारी
ध्रुव प्रताप सिंह ने बगावती तेवर दिखाते हुए ये साफ कर दिया कि वीडी शर्मा की वजह से पार्टी में उन जैसे नेताओ की पूछ परख नहीं रह गई है। ध्रुव के मुताबिक पार्टी को आने वाले समय में वीडी शर्मा की वजह से गंभीर खमियाजा भोगना पड़ सकता है। इसके अलावा ध्रुव ने ये साफ कर दिया है कि वे आने वाले समय में बीजेपी छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए वे उचित समय का इंतजार कर रहे हैं। आप भी नीचे दिए गए vIDEO पर क्लिक करके देखिए कि किस तरह उन्होंने पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोला….
नहीं थम रहीं BJP के प्रदेशाध्यक्ष #वीडी_शर्मा की मुश्किलें, नेताओं का विरोध जारी, अब कटनी विकास प्राधिकरण के पूर्व चेयरमेन और पूर्व विधायक #ध्रुवप्रताप_सिंह ने खोला मोर्चा, क्या बोला स्टेट प्रेसिंडेंट के बारे में, देखिए #VIDEO@vdsharmabjp @BJP4MP #PeoplesUpdate pic.twitter.com/5Fj4tcwkd3
— Peoples Samachar (@psamachar1) May 24, 2023
पूर्व मंत्री बब्बू ने भी बताया था जान का खतरा
इससे पहले जबलपुर से नाता रखने वाले पूर्व मंत्री हरेंद्रजीत सिंह बब्बू ने प्रदेश बीजेपी संगठन के मुखिया वीडी शर्मा के खिलाफ बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। बब्बू ने पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष के खिलाफ न केवल गुटबाजी बढ़ाने के आरोप लगाए थे, बल्कि उन्होंने तो ये तक कह दिया कि वीडी शर्मा से उन्हें जान का खतरा है। हालांकि भोपाल में दिए गए बयान के अगले दिन ही बब्बू अपने बयान से पलट गए थे। इससे पहले कई अन्य सीनियर नेताओं ने भी बीजेपी की वर्तमान कार्यप्रणाली की जमकर आलोचना करते हुए प्रदेश संगठन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। मप्र में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में उठ रहे विरोध के स्वर किसी बड़े बदलाव को भी जन्म दे सकते हैं।