कोलकाता। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार रविवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंचे हैं। उनका दौरा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके साथ ही ज्ञानेश कुमार चुनाव का रिव्यू करने बंगाल पहुंचे हैं। इस दौरे के लिए एक मीटिंग भी आयोजित करवाई गई है। जो तीन दिन तक चलेगी।
वहीं अपनी मीटिंग के बीच CEC ज्ञानेश कुमार कालीघाट मंदिर पहुंचे हैं। जैसे ही प्रदर्शनकारियों को उनके आने की खबर लगी तो बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मंदिर पर एकजुट हो गए। CEC को मंदिर से बाहर प्रदर्शनकारियों ने गो बैक और काले झंडे दिखाए। इतना ही नहीं जब वे रविवार को कोलकाता पहुंचे थे जब भी उनके काफिले के सामने प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते दिखे साथ ही उन्हें काले झंडे भी दिखाए गए।
वहीं बंगाल चुनाव को लेकर भाजपा के एक डेलीगेशन ने इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया से फुल बैंच मीटिंग की, इसमें डेलीगेशन द्वारा मांग की गई कि इलेक्शन 3 फेज में आयोजित कराए जाए। बता दें पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। जिसमें सीटों की संख्या 294 है, इसके लिए चुनाव अप्रैल में होने की संभावना जताई जा रही है।
जहां 2021 के विधानसभा चुनाव में सीएम ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटें जीतकर बंगाल में सरकार बनाई थी। जिसके लिए पार्टी ने ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री पद घोषित किया था।
रविवार को पश्चिम बंगाल के न्यू टाउन इलाके में एक निजी होटल के बाहर स्थानीय लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने ‘गो बैक ज्ञानेश कुमार, डेमोक्रेसी के हत्यारे’ लिखी टी-शर्ट पहन रखी थी। जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त एसएस संधू, विवेक जोशी और वरिष्ठ डिप्टी चुनाव आयुक्त मनीष गार्ड व पवन कुमार के साथ कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे, तब भी प्रदर्शनकारी वहां पहुंच गए और विरोध जताया।
सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त एसएस संधू और विवेक जोशी राज्य में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात कर रहे हैं। इस बैठक का उद्देश्य आगामी चुनावों को लेकर पार्टियों की चिंताओं और सुझावों को सुनना है।
बैठक के दौरान भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग को 16 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इसमें आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं जताई गईं।भाजपा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान हिंसा रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। पार्टी का कहना है कि मतदाताओं को सुरक्षित माहौल में वोट डालने का अधिकार मिलना चाहिए।