शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक सड़क हादसा अब कानून और सत्ता के टकराव का बड़ा मुद्दा बन गया है। करैरा इलाके में विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बेटे से जुड़े एक्सीडेंट केस में कार्रवाई के बाद मामला अचानक तूल पकड़ गया। जहां एक तरफ पुलिस अपनी जांच में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ विधायक का आक्रामक और धमकी भरा बयान सामने आने से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
बेटे पर हुई कार्रवाई से नाराज विधायक प्रीतम लोधी ने एक वीडियो जारी कर SDOP को सीधे-सीधे धमकी दे डाली। उन्होंने कहा कि, करैरा तेरे डैडी का नहीं है… मेरा बेटा यहां आएगा भी, घूमेगा भी और चुनाव भी लड़ेगा। अगर दम है तो रोक कर दिखा। यही नहीं उन्होंने आगे कहा कि, अपनी औकात में रहो और हमारा इतिहास देख लेना। इस बयान ने पूरे मामले को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
हैरानी की बात यह है कि, हादसे के तुरंत बाद विधायक ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि जनता सर्वोपरि है और पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए। लेकिन कुछ ही दिनों में उनका रुख पूरी तरह बदल गया। अब वही विधायक पुलिस अधिकारियों को खुली चुनौती देते नजर आ रहे हैं, जिससे उनकी मंशा पर सवाल उठने लगे हैं।
16 अप्रैल की सुबह करैरा में एक तेज रफ्तार थार गाड़ी ने सड़क पर चल रहे लोगों को टक्कर मार दी। इस हादसे में पांच लोग घायल हो गए। बताया गया कि, गाड़ी विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी चला रहे थे। घटना के बाद पहले अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, लेकिन मीडिया में मामला आने के बाद पुलिस ने दिनेश लोधी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इसके बाद थार गाड़ी को जब्त किया गया और जांच शुरू हुई।
मामले में कोर्ट के निर्देश के बाद दिनेश लोधी को करैरा थाने बुलाया गया। यहां SDOP आयुष जाखड़ ने उससे पूछताछ की। जांच में सामने आया कि, वाहन में काली फिल्म और हूटर लगा हुआ था, जो मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चालान काटा और ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई नियमों के तहत की गई है।
जांच में सामने आया कि, जिस थार से हादसा हुआ, उसमें कई नियमों का उल्लंघन किया गया था। गाड़ी में काली फिल्म, हूटर और नंबर प्लेट से जुड़ी गड़बड़ियां मिलीं। यह सभी चीजें मोटर व्हीकल एक्ट के खिलाफ हैं।
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हादसे में घायल लोगों का आरोप है कि, घटना के बाद न तो विधायक और न ही उनके बेटे ने उनकी कोई मदद की। एक पीड़ित ने कहा कि हादसे के बाद कोई हालचाल तक पूछने नहीं आया। इससे यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि नैतिक और संवेदनशील मुद्दा भी बन गया है।
प्रीतम लोधी का यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले भी वे कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर विवादित बयान दे चुके हैं। उनके खिलाफ राज्य के कई थानों में मामले दर्ज हैं और कई केस अभी भी विचाराधीन हैं। ऐसे में उनका यह नया बयान उनके लिए और मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। हादसे से जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। वहीं विधायक के बयान के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है।