बिटकॉइन के रहस्यमयी निर्माता का खुलासा? क्या ट्विटर के को-फाउंडर ही हैं इसके जनक, 2011 से कहां गायब हुए सतोशी नाकामोतो !

नई दिल्ली। बिटकॉइन दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी है। उसके असली निर्माता की पहचान लंबे समय से रहस्य बनी हुई है। अब इस रहस्य से पर्दा उठाने का दावा किया गया है। डी-बैंक्ड के एडिटर इन चीफ सीन मरे ने दावा किया है कि बिटकॉइन के रहस्यमयी फाउंडर 'सतोशी नाकामोतो' कोई और नहीं बल्कि ट्विटर (अभी X) के सह-संस्थापक और ब्लॉक (पूर्व में स्क्वायर) के सीईओ जैक डोर्सी हैं। मरे ने अपने दावे के समर्थन में कई तथ्यों को प्रस्तुत किया है, जिससे यह कड़ी मजबूत होती दिख रही है। हालांकि, अभी तक इस दावे की कोई ठोस पुष्टि नहीं हुई है।
सीन मरे का दावा, जैक डोर्सी ही सतोशी नाकामोतो
सीन मरे ने ‘जैक डोर्सी सातोशी नाकामोतो कैसे हैं’ नाम से X पर एक लंबी पोस्ट साझा की है, जिसमें उन्होंने कई तथ्य प्रस्तुत किए हैं। उनका दावा है कि जैक डोर्सी 1996 से साइफरपंक समुदाय में सक्रिय रहे हैं। वे कई प्रोग्रामिंग भाषाओं में कुशल माने जाते हैं और क्रिप्टोग्राफी में गहरी रुचि रखते हैं। बिटकॉइन और इसके विकेंद्रीकरण सिद्धांतों के वे बड़े प्रशंसक हैं।
सतोशी नाकामोतो 2011 के बाद से लापता
बिटकॉइन के निर्माता सतोशी नाकामोतो की पहचान अब तक एक रहस्य बनी हुई है। 31 अक्टूबर 2008 को उन्होंने क्रिप्टोग्राफी ग्रुप को 9 पेज का एक दस्तावेज भेजा था, जिसमें बिटकॉइन नाम की इलेक्ट्रॉनिक कैश प्रणाली का पूरा विवरण था। 2011 के बाद से सतोशी नाकामोतो की कोई खबर नहीं मिली। उनके बिटकॉइन वॉलेट में 10 लाख से अधिक बिटकॉइन हैं, जिनकी कीमत करीब 85 लाख करोड़ रुपए बताई जाती है।मरे के दावे के आधार
- जैक डोर्सी की क्रिप्टोग्राफी और हैकिंग में रुचि- 2003 में अपनी आत्मकथा में डोर्सी ने हैकिंग और क्रिप्टोग्राफिक प्रोजेक्ट्स में काम करने की बात कही थी। बिटकॉइन के शुरुआती कोड डॉक्यूमेंट्स पर सुबह 4 बजे के करीब टाइमस्टैम्प लगा था और डोर्सी ने भी इसी समय पर काम करने का उल्लेख किया था। डोर्सी ने वित्तीय स्वतंत्रता और वैकल्पिक ट्रेडिंग सिस्टम की वकालत की है।
- ट्विटर बायो और बिटकॉइन कोड में समानता- सितंबर 2007 से जनवरी 2009 के बीच, डोर्सी ने अपने ट्विटर बायो में सेलर (नाविक) शब्द लिखा था। ओरिजिनल बिटकॉइन कोड में भी एक वाक्यांश था, ‘नाविक: कभी भी दो क्रोनोमीटर लेकर समुद्र में न जाएं, एक या तीन लेकर जाएं।’












