छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां लॉ सेकेंड ईयर की छात्रा दृष्टि गुप्ता (20) ने आत्महत्या कर ली। वह गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी की छात्रा थी और पिछले दो साल से कोनी थाना क्षेत्र की रिवर व्यू कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी।
जानकारी के अनुसार, सोमवार (13 अप्रैल) को कॉलेज से लौटने के बाद दृष्टि की अपने परिवार से फोन पर बात हुई थी। इसके बाद वह दोस्तों के साथ बाहर घूमने चली गई और रात भर दोस्तों के साथ रही। मंगलवार सुबह जब वह घर लौटी, तो उसकी पिता से फिर फोन पर बात हुई। बताया जा रहा है कि इस दौरान पिता ने पढ़ाई को लेकर उसे डांट लगाई थी।
पिता की फटकार के बाद दृष्टि ने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं आई, तो आसपास रहने वाली अन्य छात्राओं ने उसे आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद रूम मालिक और पुलिस को सूचना दी गई।
कोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खुलवाया। अंदर का नजारा देखकर सभी सन्न रह गए। दृष्टि का शव पंखे से फंदे पर लटका हुआ था। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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दृष्टि के साथ पढ़ने वाले छात्रों ने पुलिस को बताया कि उसके परिवार वाले शादी के लिए दबाव बना रहे थे, जबकि वह फिलहाल शादी नहीं करना चाहती थी। दोस्तों के मुताबिक, वह इस बात को लेकर तनाव में रहती थी।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि दृष्टि के पिता ने पढ़ाई को लेकर उसे फटकार लगाई थी। साथ ही परिजनों ने भी माना कि उसका स्वभाव थोड़ा गुस्से वाला था। पुलिस को शुरुआती जांच में आशंका है कि इन सभी कारणों के चलते उसने गुस्से या तनाव में आकर यह कदम उठाया।
कोनी थाना प्रभारी के मुताबिक, मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और हर पहलू से जांच की जा रही है। परिजनों और दोस्तों के बयान लिए जा रहे हैं, ताकि आत्महत्या की असली वजह सामने आ सके।