बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। देर रात अचानक घर में रखे फ्रिज में तेज धमाका हुआ और देखते ही देखते आग पूरे मकान में फैल गई। आग इतनी तेजी से फैली कि घर में मौजूद 57 वर्षीय महिला को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला और वह जिंदा जल गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस और दमकल टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक महिला की मौत हो चुकी थी।
यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि घरों में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
यह घटना छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र के लिंगियाडीह इलाके में हुई। मृतक महिला की पहचान जया अग्रवाल (57 वर्ष) के रूप में हुई है। वह लिंगियाडीह में साईं मंदिर के पीछे स्थित अपने मकान में रहती थीं। बताया जा रहा है कि, घटना के समय महिला घर में अकेली थी।
रविवार देर रात अचानक जया अग्रवाल के घर में रखे फ्रिज में जोरदार धमाका हो गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों में रहने वाले लोग घबरा गए और तुरंत अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। जब लोगों ने देखा तो गली के एक मकान से धुआं और आग की तेज लपटें उठ रही थीं। कुछ ही मिनटों में आग पूरे घर में फैल गई।
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घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। स्थानीय लोगों ने वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल की मदद से बाल्टियों में पानी भरकर आग बुझाने की कोशिश की, पुलिस को सूचना दी और फायर ब्रिगेड को बुलाया। हालांकि आग तेजी से फैलती रही। कुछ ही देर में दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
जब आग पूरी तरह बुझ गई तो पुलिस और दमकल टीम ने घर के अंदर तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान घर के अंदर जया अग्रवाल का शव बुरी तरह झुलसी हालत में मिला। आग की लपटों में घिरने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्चुरी भेज दिया।
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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके की आवाज बहुत तेज थी। इस वजह से शुरुआत में लोगों को लगा कि, गैस सिलेंडर फट गया है या घर में कोई बड़ा विस्फोट हुआ है। लेकिन जब पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि हादसा फ्रिज में ब्लास्ट होने के कारण हुआ।
वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल के अनुसार, जया अग्रवाल अपने मुंहबोले वकील भाई के साथ रहती थीं। उनका बाकी परिवार बेंगलुरु में रहता है, घटना के समय महिला घर में अकेली थी। फ्रिज ब्लास्ट के बाद आग तेजी से फैल गई, जिससे उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
इस हादसे से पहले ही महिला का परिवार दुख में डूबा हुआ था। जांच में सामने आया कि, जया अग्रवाल के मुंहबोले भाई की कुछ दिन पहले तबीयत खराब हो गई थी। उन्हें इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में बेहतर इलाज के लिए उन्हें बेंगलुरु ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार में अभी उनके भाई के निधन के बाद क्रियाकर्म चल ही रहा था, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया।
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सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य ने बताया कि, लिंगियाडीह में ब्लास्ट और आग लगने की सूचना मिली थी। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, दमकल और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया। उन्होंने बताया कि, घर के अंदर बुजुर्ग महिला का शव मिला है। मामले की जांच की जा रही है।
अक्सर लोगों को लगता है कि, फ्रिज खुद ही अचानक फट जाता है, लेकिन तकनीकी तौर पर इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, फ्रिज के पीछे लगे कंप्रेसर और गैस सिस्टम में खराबी होने पर विस्फोट की स्थिति बन सकती है। कंप्रेसर में मौजूद मोटर और पंप रेफ्रिजरेंट गैस को कॉइल्स में भेजते हैं, जिससे फ्रिज ठंडा रहता है। अगर गैस का प्रवाह रुक जाए या दबाव बढ़ जाए तो खतरा बढ़ सकता है।
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कारण |
विवरण |
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रेफ्रिजरेंट गैस लीक |
गैस लीक होने पर विस्फोट का खतरा |
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इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट |
वायरिंग खराब होने से आग लग सकती है |
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कंप्रेसर ओवरहीट |
ज्यादा गर्म होने से विस्फोट |
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फ्रीजर में ज्यादा बर्फ |
गैस फ्लो रुक सकता है |
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बहुत पुराना फ्रिज |
तकनीकी खराबी की संभावना अधिक |
विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक फ्रिज में आइसोब्यूटेन (R-600a) जैसी ज्वलनशील गैस का इस्तेमाल किया जाता है। अगर यह गैस लीक होकर कमरे में जमा हो जाए और स्पार्क मिले तो विस्फोट हो सकता है।
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सावधानी |
कारण |
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फ्रिज दीवार से थोड़ा दूर रखें |
वेंटिलेशन के लिए |
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एक्सटेंशन बोर्ड का उपयोग न करें |
ओवरलोड का खतरा |
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स्टेबलाइजर का उपयोग करें |
वोल्टेज फ्लक्चुएशन रोकने के लिए |
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फ्रीजर में मोटी बर्फ न जमने दें |
गैस फ्लो प्रभावित होता है |
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फ्रिज गैस स्टोव से दूर रखें |
आग का खतरा |
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ज्वलनशील चीजें पास न रखें |
विस्फोट का जोखिम |
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दरवाजा बार-बार न खोलें |
कूलिंग सिस्टम पर दबाव |
अगर फ्रिज में ये संकेत दिखें तो तुरंत सर्विसिंग करवानी चाहिए।
इन संकेतों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
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टिप |
लाभ |
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वेंटिलेशन वाली जगह पर रखें |
गर्मी बाहर निकलती है |
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नियमित सफाई करें |
धूल जमा नहीं होती |
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कॉइल्स साफ रखें |
कूलिंग बेहतर रहती है |
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डोर सील चेक करें |
ठंडक बरकरार रहती है |
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गर्म खाना फ्रिज में न रखें |
कंप्रेसर पर दबाव कम |
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फ्रिज ओवरलोड न करें |
एयर फ्लो बना रहता है |
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साल में एक बार सर्विसिंग |
तकनीकी खराबी से बचाव |
विशेषज्ञों के अनुसार, फ्रिज की सर्विसिंग साल में कम से कम एक बार जरूर करानी चाहिए। पुराने फ्रिज की सर्विसिंग 6-8 महीने में कराना बेहतर होता है। इससे कंप्रेसर, गैस और कूलिंग सिस्टम की जांच हो जाती है।
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भाग |
तापमान |
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रेफ्रिजरेटर |
2°C - 5°C |
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फ्रीजर |
-15°C - -18°C |
अगर तापमान बहुत कम कर दिया जाए तो कूलिंग सिस्टम पर दबाव बढ़ जाता है। इससे ओवरहीटिंग का खतरा हो सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार फ्रिज को 24 घंटे चलाना पूरी तरह सामान्य है। फ्रिज लगातार चलने के लिए ही बनाया जाता है। खतरा तब बढ़ता है जब फ्रिज के पीछे वेंटिलेशन न हो, कॉइल्स में धूल जमा हो और मेंटेनेंस न किया जाए।